ठेकेदार के घर ईडी की छापेमार कार्यवाई, भाजपा नेता के समर्थकों ने टीम को धमकाया, कार्यवाई में खलल !
भाजपा नेता के भाई और ठेकेदार के घर पर जब ईडी की टीम कार्यवाई करने पहुंची तो हड़कंप मच गया। आरोप है की भाजपा नेता अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और कार्यवाई में खलल डालने की कोशिश की। आरोप है की समर्थकों ने कथित तौर से ईडी टीम की धमकी भी दी। जिसमें ये कहा गया जब्ती का सामान घर से बाहर नहीं जाएगा। इस दौरान हंगामे की स्थिति बनी रही। आपको नज़र आने वाली ये तस्वीरें एमपी के रीवा जिले की हैं।
जहां बीते दिन शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमार कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। दरअसल डामर खरीद घोटाले से जुड़े मामले में ईडी की टीम जब आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) द्वारा नामजद आरोपियों के ठिकानों पर जांच कर रही थी। तभी एक जगह कार्रवाई के दौरान विरोध और हंगामे की स्थिति बन गई। आरोप है कि भाजपा नेता और आरोपी ठेकेदार के बड़े भाई ने समर्थकों के जरिये कार्रवाई को प्रभावित करने की कोशिश की वहीं टीम के बाहर निकलने के दौरान अधिकारियों पर दबाव बनाने की भी कोशिश की।
बताया गया की ईओडब्ल्यू द्वारा डामर खरीद मामले में दर्ज भ्रष्टाचार प्रकरण के आरोपी संविदाकार कृष्णकांत सोहगौरा के निवास पर ईडी की टीम जांच के लिए पहुंची थी। इस दौरान भाजपा नेता प्रदीप सोहगौरा जो आरोपी के बड़े भाई बताए जा रहे हैं उन्होंने टीम की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उसे भ्रामक बताया।
जानकारी के मुताबिक जांच के दौरान ईडी अधिकारियों ने मोबाइल फोन, लैपटॉप, नकदी और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। आरोप है की जब टीम जप्त सामान लेकर बाहर निकल रही थी तभी समर्थकों ने धमकी देते हुए दबाव बनाया। साथ ही घेरकर कार्यवाई प्रभावित करने की कोशिश की। खबर पढ़े जाने तक टीमकी ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गयी थी।
बता दें की रीवा के चर्चित डामर खरीद मामले में ईओडब्ल्यू ने विंध्य क्षेत्र के 44 ठेकेदारों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। आरोप है कि सड़क निर्माण कार्यों में निम्न गुणवत्ता के डामर की खरीद और उपयोग के माध्यम से सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। जिसको लेकर ईडी ने रीवा में चार अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमार कार्यवाई की। जब टीम से जानकारी लेना चाही तो फिलहाल तक कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गयी थी।------