किसान से 4 लाख की धोखाधड़ी का आरोप ! समिति प्रबंधक पर फिर उठे सवाल, EOW केस के बाद नया बवाल
मध्यप्रदेश के सागर संभाग के छतरपुर जिले के बकस्वाहा से किसानों से जुड़ी एक गंभीर खबर सामने आई है, जहां सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक पर किसान की लाखों रुपए की राशि हड़पने के आरोप लगे हैं। मामला सिर्फ धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि आरोपी प्रबंधक पर पहले से आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी EOW में प्रकरण दर्ज होने की बात भी सामने आ रही है। अब पीड़ित किसान न्याय की गुहार लगा रहा है।
जानकारी के अनुसार मामला बकस्वाहा मुख्यालय से जुड़ी सुनवाहा सेवा सहकारी समिति का है। पीड़ित किसान अरविंद सिंह परिहार निवासी सुनवाहा ने आरोप लगाया है कि उसने अपने दो खातों की कुल 4 लाख रुपए की ऋण राशि जमा की थी। राशि जमा करने के बाद उसने अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी की मांग की, जिस पर तत्कालीन समिति प्रबंधक द्वारका प्रसाद दुबे द्वारा पावती सहित एनओसी भी जारी कर दी गई।
लेकिन मामला तब सामने आया जब किसान बैंक में नया ऋण लेने पहुंचा। बैंक में जांच के दौरान पता चला कि किसान की राशि समिति के खातों में जमा ही नहीं हुई थी। यानी किसान से पैसे तो ले लिए गए, लेकिन रिकॉर्ड में जमा नहीं किए गए। पीड़ित किसान का आरोप है कि बिना राशि जमा हुए एनओसी जारी करना गंभीर वित्तीय अनियमितता है। वहीं सवाल यह भी उठ रहे हैं कि वर्तमान में दूसरी समिति में पदस्थ होने के बावजूद संबंधित प्रबंधक ने वित्तीय मामलों में हस्तक्षेप कैसे किया।
बताया जा रहा है कि समिति प्रबंधक द्वारका प्रसाद दुबे पर पहले भी किसानों से वित्तीय धोखाधड़ी और आय से अधिक संपत्ति जुटाने के मामले में EOW सागर में शिकायत दर्ज हो चुकी है। अब किसान अरविंद परिहार ने जनसुनवाई में कलेक्टर को शिकायत सौंपकर न्याय की मांग की है। फिलहाल पूरे मामले ने किसानों की सुरक्षा और सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।