मानसून सत्र के बाद होगा मंत्रिमंडल का विस्तार, गोपाल भूपेंद्र शैलेंद्र प्रदीप में कौन बनेगा मंत्री
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार की कैबिनेट में जल्द ही बड़ा फेरबदल देखने की संभावना जताई जा रही है इस तरह की चर्चाएं चल रही हैं कि मानसून सत्र के बाद मध्य प्रदेश के मंत्रिमंडल में कुछ मंत्रियों को हटाकर और कुछ नई चेहरों को शामिल किया जा सकता है इस तरह की कयास है कि जिन मंत्रियों का परफॉर्मेंस ठीक नहीं रहा है उनको बाहर का रास्ता दिखाई जा सकता है जबकि कुछ अनुभवी नेताओं की मंत्रिमंडल में वापसी हो सकती है तो कुछ नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है इस तरह से कुल 7 से 8 मंत्री मध्य प्रदेश मैं जल्द देखने को मिल सकते हैं
एक राष्ट्रीय अखबार को दिए इंटरव्यू में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मंत्रिमंडल फेरबदल का मुख्य आधार मंत्रियों का कामकाज रहेगा। अंतिम निर्णय पार्टी संगठन और केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा के बाद लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर मंत्रियों व विधायकों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा होती है, जिसमें शीर्ष नेतृत्व के सुझाव भी शामिल रहते हैं।
जानकारों के अनुसार इस फेरबदल के जरिए बीजेपी कई राजनीतिक और संगठनात्मक समीकरण साधना चाहती है।
बुंदेलखंड का प्रतिनिधित्व बढ़ाना, क्षेत्र की सीमित हिस्सेदारी से उपजी नाराजगी दूर करने के लिए सागर, दमोह, पन्ना और टीकमगढ़ से नए मंत्रियों को मौका दिया जा सकता है
सागर जिले की बात करें तो मध्य प्रदेश के मोहन यादव सरकार में बुंदेलखंड से एकमात्र कैबिनेट मंत्री के रूप में गोविंद सिंह राजपूत शामिल है लेकिन यहां पर गोपाल भार्गव भूपेंद्र सिंह जैसे सीनियर दिग्गज नेता भी है जिन्हें अनुभव के आधार पर मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है जबकि चार-चार बार के विधायक शैलेंद्र जैन और प्रदीप लारिया को भी कैबिनेट में शामिल होने का इंतजार है क्योंकि सीनियर विधायक होने की वजह से इनका भी नंबर आ सकता है मंत्रिमंडल मैं शामिल होने की बात करें तो सीनियर और नए चेहरे की तौर पर किसी को भी शामिल किया जा सकता है
और पिछले शिवराज सरकार की तरह इस बार भी सागर जिले में तीन मंत्री हो सकते हैं बता दें कि पिछली शिवराज सरकार में सागर जिले से सीनियर मंत्री के रूप में गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह को कैबिनेट में शामिल किया गया था तो सिंधिया खेमे से राजनीति करने वाले गोविंद सिंह राजपूत भी मंत्री थे इस तरह से सागर राजनीति का बड़ा केंद्र बन गया था ऐसी में अगर भाजपा एक बार फिर सागर जिले से तीन मंत्री देती है तो शायद इसमें चौंकाने वाला जैसा कुछ नहीं रहेगा लेकिन जिन जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी मिलेगी उससे उनके समर्थकों में तो खुशी और उत्साह होगा ही साथ ही उनके क्षेत्र में भी विकास की नई धारा वह निकलेगी साथ ही सागर का दबदबा एक बार फिर मध्य प्रदेश की कैबिनेट में देखने को मिल सकेगा