Sagar-20 साल की उम्र में 24वीं बार माता वैष्णो देवी पहुंचे सागर के शिवम सेन, आस्था और समर्पण की बने मिसाल
आस्था जब दिल में बस जाए, तो उम्र और दूरी मायने नहीं रखती। सागर के एक युवा ने अपनी अटूट श्रद्धा और भक्ति से कुछ ऐसा कर दिखाया है, जिसकी चर्चा अब पूरे क्षेत्र में हो रही है। महज 20 साल की उम्र में सागर के शिवम सेन ने माता वैष्णो देवी के दरबार में 24वीं बार हाजिरी लगाकर एक अनोखी मिसाल पेश की है। सागर निवासी शिवम सेन ने वर्ष 2026 की शुरुआत में अपनी तीसरी यात्रा पूरी करते हुए कुल 24वीं बार श्री माता वैष्णो देवी यात्रा का सफर तय किया है। इतनी कम उम्र में माता रानी के दरबार में 24 बार पहुंचना सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि गहरी आस्था, विश्वास और समर्पण की कहानी बन चुका है।
जहां आज के समय में युवा अपने सपनों और करियर की दौड़ में व्यस्त रहते हैं, वहीं शिवम ने अपनी जिंदगी में अध्यात्म और श्रद्धा को भी विशेष स्थान दिया है। उनकी इस अनूठी यात्रा की चर्चा अब पूरे क्षेत्र में हो रही है और लोग उनके जज्बे की सराहना कर रहे हैं। शिवम का कहना है कि यह सब माता रानी की असीम कृपा और आशीर्वाद का परिणाम है। उनका मानना है कि जब भी उन्होंने माता के दरबार में माथा टेका, उन्हें मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा मिली।
शिवम की यह भक्ति लोगों के लिए प्रेरणा बनती जा रही है। खासतौर पर युवाओं के बीच उनका उदाहरण यह संदेश दे रहा है कि अगर मन में सच्ची श्रद्धा हो, तो कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं होता। आज क्षेत्र के लोग शिवम के उज्ज्वल भविष्य, सुख-समृद्धि और निरंतर सफलता की कामना कर रहे हैं। उनकी यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं, बल्कि विश्वास और समर्पण की एक प्रेरणादायक कहानी बन गई है। सागर के शिवम सेन ने यह साबित कर दिया कि श्रद्धा की कोई उम्र नहीं होती और सच्ची आस्था इंसान को एक अलग पहचान दिला सकती है।