ऑटो इंजीनियरिंग कंपनी में नौकरी करने वाले युवक की संदिग्ध जान गई, परिजनों के गंभीर आरोप !
ऑटो इंजीनियरिंग कंपनी में नौकरी करने वाले युवक की अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में जान चले जाने का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है की युवक घायल हो गया ये बात कम्पनी के लोगों ने छिपाई। वहीं जब उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गयी तब उन्हें सूचना दी गयी। एक अस्पताल के बाद दूसरी अस्पताल लेकर गए और इसी बीच उसने दम तोड़ दिया। घटना उज्जैन जिले के पवासा थाना क्षेत्र की है। परिजनों ने कम्पनी के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
बताया जा रहा है की उज्जैन के नीमनवासा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक ऑटो इंजीनियरिंग कंपनी में काम के दौरान घायल हुए युवक की इलाज के दौरान जान चली गई। परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा की घटना को छिपाने की कोशिश की गई और बाद में समझौते के लिए मुआवजे का प्रलोभन भी दिया गया। मृतक की पहचान सुनील सोलंकी 29 साल निवासी अतिरिक्त विश्व बैंक कॉलोनी के रूप में हुई।
वह कुछ दिन पहले ही कंपनी में नौकरी पर लगा था। परिजनों का कहना है की बीते दिन दोपहर के समय कंपनी की ओर से फोन कर हादसे की जानकारी दी गई। जब परिजनों ने सुनील से बात करने की मांग की तो उन्हें बताया गया कि उसकी हालत गंभीर है। वह बात करने की स्थिति में नहीं है। मृतक के मौसा रामप्रसाद राठौर का कहना है कि कंपनी से जुड़े लोगों ने घटना को लेकर अलग-अलग जानकारी दी जिससे परिवार को संदेह हुआ। साथ ही आरोप लगाया की सुनील को पर्याप्त प्रशिक्षण और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए बिना ऊंचाई पर काम करने भेजा गया था। इसी दौरान वह संदिग्ध परिस्थितियों में गंभीर रूप से घायल हो गया।
सुनील को पहले एक अस्पताल ले जाया गया। जहां समय पर उचित इलाज नहीं मिला। जिससे उसे दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया। जांच के दौरान सीटी स्कैन में सिर में गंभीर चोट और दिमाग में खून जमने की पुष्टि हुई है। परिजनों का कहना है की समय पर बेहतर इलाज मिलता तो उसकी जान बच सकती थी।
साथ ही ये भी आरोप है की कंपनी की ओर से मामले को दबाने और समझौता करने एक लाख रुपए की पेशकश की गई। लेकिन परिजनों ने मना कर दिया। और न्याय की मांग की। फिलहाल पुलिस मामले में सभी पहलुओं पर जांच में जुट गयी है।