नागदा में झूठे मुकदमे का आरोप: क्षत्रिय महासभा ने एसपी को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग
नागदा में झूठे मुकदमे का आरोप: क्षत्रिय महासभा ने एसपी को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग
उज्जैन जिले की नागदा तहसील में दो युवाओं पर दर्ज कराए गए मुकदमे को झूठा बताते हुए अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। समाज के पदाधिकारियों ने पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचकर पुलिस अधीक्षक के नाम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। महासभा ने आरोप लगाया है कि सामाजिक विद्वेष के चलते यह कार्रवाई की गई है, जिसके चलते बेकसूर युवाओं को फंसाया जा रहा है।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष जीवन सिंह तंवर ने मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि यशपाल सिंह सिसोदिया के पुत्र घटना के समय नागदा में मौजूद ही नहीं थे, बल्कि वे राजस्थान के निंबाहेड़ा स्थित वंडर सीमेंट में कार्यरत थे। उनकी उपस्थिति से जुड़े ठोस दस्तावेज और रिकॉर्ड पुलिस को पहले ही उपलब्ध कराए जा चुके हैं। वहीं, दूसरे युवक दीपेंद्र सिंह के संबंध में उन्होंने दावा किया कि वह घटना के समय केवल घटनास्थल के सामने से गुजर रहे थे, जिनका इस पूरे विवाद से कोई लेना-देना नहीं है।
महासभा का आरोप है कि अधिवक्ता लक्ष्मी रघुवंशी द्वारा नागदा मंडी थाना में राजनीतिक या सामाजिक विद्वेष के चलते झूठा प्रकरण दर्ज कराया गया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान संभाग अध्यक्ष महेंद्र सिंह बेस सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते मामले की सही जांच नहीं हुई और निर्दोष युवाओं को न्याय नहीं मिला, तो समाज को आगे उग्र कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ेगा।