सागर के युवक ने मायानगरी मुंबई में मचाया धमाल, एक बाद एक 6 फिल्मो में मिला काम
सपनों की कोई सीमा नहीं होती, फर्क सिर्फ इतना होता है कि उन्हें देखने वाला कितना बड़ा हौसला रखता है। सागर की डॉ. हरीसिंह गौर यूनिवर्सिटी का परफार्मिंग आर्ट्स डिपार्टमेंट वर्षों से ऐसे ही सपनों को मंच देता आया है। इसी मंच ने बॉलीवुड को आशुतोष राणा और मुकेश तिवारी जैसे दमदार कलाकार दिए, और अब इसी सूची में एक नया नाम तेजी से अपनी पहचान बना रहा है — ज्ञानचंद।
सागर के मकरोनिया स्थित गौर नगर से निकलकर मायानगरी तक पहुंचने वाला यह सफर आसान नहीं था। लेकिन जुनून, मेहनत और लगातार सीखने की चाह ने ज्ञानचंद को उस मुकाम तक पहुंचा दिया, जहां आज लोग उनके काम की तारीफ कर रहे हैं। 12 जून को रिलीज हुई फिल्म ‘हीर सारा’ में उनके राजू मैकनिक के किरदार को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। यह उनकी तीसरी फिल्म है और आने वाले समय में वे नागजिला, उम्रकैद और तुम्बाड-2 जैसी फिल्मों में भी नजर आएंगे।
ज्ञानचंद की कहानी सिर्फ फिल्मों की कहानी नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, धैर्य और विश्वास की कहानी है। उन्होंने सागर यूनिवर्सिटी से बीसीए, एमए (क्रिमिनोलॉजी) और एमपीए (रंगमंच) की पढ़ाई की। अभिनय के प्रति बचपन से झुकाव ने उन्हें मंच की ओर खींचा और प्रोफेसर डॉ. राकेश सोनी के मार्गदर्शन ने उनके हुनर को निखारने का काम किया।
ज्ञानचंद अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरु डॉ राकेश सोनी को देते हैं। उनकी यह यात्रा हर युवा को यह संदेश देती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो छोटे शहर की गलियां भी बड़े सपनों का रास्ता बन जाती हैं। सफलता मंजिल नहीं, लगातार आगे बढ़ने का नाम है।