सागर कलेक्टर का स्कूल में सरप्राइज विजिट! बच्चों को बताया कलेक्टर बनने का फॉर्मूला, शिक्षकों को दी सख्त चेतावनी
सागर जिले में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कलेक्टर प्रतिभा पाल एक्शन मोड में नजर आ रही हैं। राहतगढ़ क्षेत्र के पीएम श्री विद्यालय सीहोरा में उनके अचानक निरीक्षण ने स्कूल स्टाफ में हलचल मचा दी। कलेक्टर ने जहां शिक्षकों की कार्यशैली पर सख्त निर्देश दिए, वहीं बच्चों के बीच पहुंचकर सफलता का ऐसा मंत्र दिया, जिसने विद्यार्थियों में नया जोश भर दिया। राहतगढ़ क्षेत्र के पीएम श्री एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सीहोरा में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्कूल की व्यवस्थाओं, स्टाफ की उपस्थिति और शिक्षकों के अटैचमेंट को लेकर नाराजगी जताई। जिला शिक्षा अधिकारी को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में तुरंत सुधार लाया जाए।
कलेक्टर ने स्कूल के शिक्षकों से चर्चा करते हुए कहा कि सभी स्टाफ निर्धारित समय से पहले विद्यालय पहुंचे और स्कूल बंद होने तक पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने छात्र उपस्थिति रजिस्टर, परीक्षा परिणाम और अन्य रिकॉर्ड का भी बारीकी से निरीक्षण किया। लेकिन इस निरीक्षण का सबसे खास पल तब आया, जब कलेक्टर सीधे बच्चों के बीच पहुंचीं। बच्चों ने पूछा कि "कलेक्टर कैसे बनते हैं?" इस पर प्रतिभा पाल ने बेहद आसान भाषा में सफलता का फॉर्मूला बताया।
उन्होंने कहा कि कक्षा 6वीं से 12वीं तक की किताबें ही हर प्रतियोगी परीक्षा की असली नींव हैं। यदि छात्र इन्हें बार-बार पढ़ें और नियमित अभ्यास करें, तो बड़ी से बड़ी परीक्षा भी आसान हो सकती है। कलेक्टर ने बच्चों को टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई करने, मोबाइल और इंटरनेट का सही उपयोग करने की भी सलाह दी। साथ ही उन्होंने गणित, विज्ञान और अंग्रेजी से जुड़े सवाल पूछकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, पेयजल और स्कूल परिसर की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की और स्पष्ट कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं होगा।