जमीन रिपोर्ट से MP में सियासी घमासान,रिपोर्ट के बाद घिरे CM मोहन यादव,CMO बोला आरोप पूरी तरह निराधार
उज्जैन में जमीन को लेकर हुए सौदों को लेकर मध्य प्रदेश की सियासत गरमा गई है देश के प्रतिष्ठित इंग्लिश अखबार की इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार के सदस्यों ने सरकारी योजनाओं का फायदा उठाने के लिए बड़े पैमाने पर जमीनों की खरीदी की जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव के 2021 में मंत्री बनने के बाद से 2025 तक लगभग 168 एकड़ के प्लॉट खरीदे
मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्ष हमलावर हो गया तो दूसरी तरफ जनता को मुख्यमंत्री से इसके जवाब आने का इंतजार था और अब मुख्यमंत्री कार्यालय से इसका जवाब दिया जा रहा है इंग्लिश अखबार के द्वारा पड़ताल कर लगाए गए आरोपों को लेकर सीएमओ से आधिकारिक बयान जारी किया गया है। CMO ने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार, तथ्यहीन और बदनाम करने की साजिश बताया है। कहा गया है:“कांग्रेस और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में जो आंकड़े और आरोप लगाए जा रहे हैं, वे जानबूझकर भ्रामक हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा उनके परिवार की संपत्ति 2023 के नामांकन शपथ-पत्र में जो घोषित की गई थी, उसमें कोई अनुचित वृद्धि या परिवर्तन नहीं हुआ है। परिवार का रियल एस्टेट व्यवसाय वर्षों पुराना है और सभी लेन-देन कानूनी प्रक्रिया के अनुसार पारदर्शी तरीके से किए गए हैं।CMO ने आगे कहा, “कांग्रेस विकास के मुद्दों पर जनता के सामने जवाब नहीं दे पा रही, इसलिए मुख्यमंत्री की लोकप्रियता और छवि को धूमिल करने का निरंतर प्रयास कर रही है।
सीएमओ ने जानकारी देते हुए बताया कि डॉ. मोहन यादव की व्यक्तिगत संपत्ति जो 2023 नामांकन शपथ-पत्र में घोषित की गई 17 एकड़ में कोई बदलाव नहीं। पत्नि सीमा यादव 12.29 एकड़ — कोई इजाफा नहीं। पुत्र वैभव यादव 16 एकड़ CM बनने के बाद कोई परिवर्तन नहीं। पुत्रवधु शालिनी यादव 10 एकड़ कृषि भूमि, जो मास्टर प्लान क्षेत्र के बाहर है। इसके अलावा सिद्धिविनायक कंपनी से तो मोहन यादव ने 2017 में ही डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। कंपनी की भूमि (2023 में 68 एकड़, थी जो अब 65 एकड़ है जिसमें सीएम की कोई भूमिका नहीं।