रिटायर्ड महिला लैब टेक्नीशियन को डिजिटल अरेस्ट रख 1 करोड़ 57 लाख की ठगी,अधिकारी बनकर डराया
रिटायर्ड महिला लैब टेक्नीशियन को डिजिटल अरेस्ट रखकर एक करोड़ 57 लाख रूपये की ठगी किये जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया जा रहा है की दिल्ली टेलीकॉम सीबीआई और आरबीआई अधिकारी बनकर ठगों ने एक महीने तक उन्हें डिजिटल अरेस्ट रखा। अब मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
बताया गया की मामला ग्वालियर का है। जहां साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड महिला लैब टेक्नीशियन और उनके बेटे को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर करीब एक महीने तक अपने जाल में फंसाए रखा। डरा-धमकाकर 1 करोड़ 57 लाख 90 हजार रुपए ठग लिए। ग्वालियर के पाटनकर साहब का बाड़ा निवासी 69 साल की मीनाक्षी नाखरे स्वास्थ्य विभाग से रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन हैं। मई में उनके की-पैड मोबाइल पर एक कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को दिल्ली टेलीकॉम विभाग का अधिकारी बताया और दावा किया कि उनके बैंक खाते का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है। जब मीनाक्षी नाखरे ने इस बात से इंकार किया तो ठगों ने उनके बैंक खातों से जुड़ी कुछ जानकारी बताकर उनका विश्वास जीत लिया। और उन्हें एंड्रॉयड मोबाइल पर बात करने मजबूर किया। महिला ने अपने बेटे अनुभव से एंड्रॉयड मोबाइल लेकर कथित अधिकारियों से लगातार संपर्क कराया। ठगों ने खुद को सीबीआई आरबीआई और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल और मैसेज के माध्यम से महिला को डिजिटल अरेस्ट कर लिया। साथ ही उन्हें घर से बाहर न निकलने और किसी से बात न करने के निर्देश दिए गए। जांच पूरी होने पर एनओसी देने का भरोसा भी दिलाया गया।
डर की वजह से महीने अपने खातों से पश्चिम बंगाल, केरल, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 57 लाख 90 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। जिसके बाद ठगों ने संपर्क बंद कर दिया। जिसके बाद पीड़ित परिवार को ठगी का अहसास हुआ। और शिकायत की गई। जहां क्राइम ब्रांच थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जिन बैंक खातों में रकम भेजी गई है उन्हें फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें अलग-अलग राज्यों में रवाना की गई हैं। मामले में साइबर