पुजारी ही निकला चोर! 10 रुपए का एक नोट पर लिखा था, चिंता मत करो, माल 15 तारीख को वापस आ जाएगा।
एमपी के रतलाम जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। जिस पुजारी पर मंदिर की सुरक्षा और सेवा की जिम्मेदारी थी, वही मंदिर में चोरी का मास्टरमाइंड निकला। इतना ही नहीं, पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने चोरी के बाद मंदिर में एक रहस्यमयी चिट्ठी भी छोड़ दी थी। लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच और सतर्कता के सामने पूरी साजिश बेनकाब हो गई। मामला रतलाम जिले के पिपलोदा थाना क्षेत्र के ग्राम सूखेड़ा का है, जहां मंदिर में चोरी की घटना सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। मंदिर से चांदी का सिद्धचक्र और सोने का हार चोरी होने की शिकायत खुद मंदिर के पुजारी विशाल बैरागी ने दर्ज कराई थी।
शुरुआत में मामला सामान्य चोरी जैसा लग रहा था, लेकिन जांच के दौरान पुलिस को कई संदिग्ध पहलू नजर आए। पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्यों और गतिविधियों की जांच शुरू की तो कहानी ने ऐसा मोड़ लिया जिसने सबको चौंका दिया। जांच में सामने आया कि मंदिर के पुजारी विशाल बैरागी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी। चोरी के बाद पुलिस को भटकाने के लिए मंदिर में ही 10 रुपए का एक नोट छोड़ दिया गया था, जिस पर लिखा था – "चिंता मत करो, माल 15 तारीख को वापस आ जाएगा।"
आरोपियों को लगा कि इस संदेश से पुलिस किसी और दिशा में जांच करेगी, लेकिन उनकी यह चाल ज्यादा देर तक काम नहीं आई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि चोरी के बाद आरोपी सोने का हार बेचने के लिए दिल्ली पहुंचे और उसे करीब 94 हजार रुपए में बेच दिया। एएसपी विवेक कुमार लाल के अनुसार पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके कब्जे से चोरी का सामान और नकदी बरामद की गई है। फिलहाल मामले की आगे जांच जारी है।