Sagar- गढ़ाकोटा से गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल, 250 साल से हिंदू परिवार बना रहा ताजिया | SAGAR TV NEWS
मोहर्रम के पवित्र महीने में जहां मुस्लिम समाज इमाम हुसैन की शहादत की याद में ताजिया और अखाड़ों की तैयारियों में जुटा है, वहीं सागर जिले के गढ़ाकोटा नगर से सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो समाज को एकता का संदेश दे रही है। यहां एक हिंदू परिवार पिछले करीब ढाई सौ वर्षों से मोहर्रम पर ताजिया और बुर्राख बनाकर हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश कर रहा है।
गढ़ाकोटा के सुभाष वार्ड निवासी अभिषेक विश्वकर्मा का परिवार पीढ़ी-दर-पीढ़ी इस परंपरा को निभा रहा है। परिवार के लोग बताते हैं कि यह परंपरा उनके पूर्वजों के समय से चली आ रही है और आज भी पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ इसका निर्वहन किया जा रहा है।
मोहर्रम शुरू होने से करीब दो महीने पहले ही ताजिया निर्माण का काम शुरू हो जाता है। बांस की खपच्चियों, रंगीन कागज, कपड़े और अन्य सामग्री से बेहद आकर्षक ताजिया और बुर्राख तैयार किए जाते हैं।
अभिषेक विश्वकर्मा बताते हैं कि उनके लिए यह सिर्फ एक कला नहीं, बल्कि आस्था, सेवा और इंसानियत का प्रतीक है। उनके बुजुर्गों ने हमेशा सभी धर्मों का सम्मान करना सिखाया और उसी परंपरा को आज भी पूरा परिवार आगे बढ़ा रहा है।
गढ़ाकोटा में सिर्फ विश्वकर्मा परिवार ही नहीं, बल्कि खटीक और रैकवार समाज के परिवार भी वर्षों से ताजिया बनाने की परंपरा निभाते आ रहे हैं। यही वजह है कि यहां गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिलती है, जहां ईद, होली और दिवाली जैसे त्योहार सभी लोग मिल-जुलकर मनाते हैं।