नकली नोट का भंडाफोड़! रेस्टोरेंट में नोट चलाते पकड़ा गया आरोपी, 84 हजार के फर्जी नोट जब्त
एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस ने नकली नोट छापने और उन्हें बाजार में खपाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। एक मामूली चाय-नाश्ते के भुगतान से शुरू हुई शंका ने ऐसे फर्जीवाड़े का खुलासा किया, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया। मामला मध्यप्रदेश के इंदौर के गांधी नगर थाना क्षेत्र का है, जहां सांवरिया रेस्टोरेंट में एक व्यक्ति 200 रुपये का नोट देकर भुगतान कर रहा था।
लेकिन दुकानदार की नजर नोट पर पड़ते ही उसे कुछ गड़बड़ महसूस हुई। नोट की बनावट देखकर उसे शक हुआ कि यह नकली हो सकता है। जानकारी के मुताबिक दुकानदार और आरोपी के बीच कुछ देर बहस भी हुई, लेकिन दुकानदार ने समझदारी दिखाते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही गांधी नगर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी दीपक पटेल को हिरासत में ले लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि नोट नकली था। तलाशी के दौरान उसके पास से कुछ और फर्जी नोट भी बरामद किए गए। इसके बाद पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो गिरोह के दो अन्य सदस्यों जय वैष्णव और रवि चौधरी के नाम सामने आए, जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी उच्च गुणवत्ता वाले पेपर और कलर्ड प्रिंटर की मदद से 200-200 रुपये के नकली नोट तैयार करते थे।
इसके बाद इन नोटों को छोटे लेन-देन और दुकानों में चलाने की कोशिश की जाती थी ताकि आसानी से किसी को शक न हो। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 200 रुपये के कुल 424 नकली नोट, यानी करीब 84 हजार रुपये और प्रिंटिंग से जुड़ा सामान जब्त किया है। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह घटना एक बार फिर सावधान करती है कि लेन-देन के दौरान नोटों की जांच करना बेहद जरूरी है।