MP में निकले ताजिया, इमाम हसन-हुसैन की याद में उमड़ा अकीदतमंदों का जनसैलाब
मध्यप्रदेश के सागर संभाग के छतरपुर जिले के भगवां नगर में मोहर्रम पर्व के अवसर पर श्रद्धा, आस्था और गम का माहौल देखने को मिला। इमाम हसन और इमाम हुसैन की याद में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने भाग लिया।
शुक्रवार को निकला यह ताजिया जुलूस नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। जुलूस मुख्य चौराहों, बस स्टैंड और पुरानी ईदगाह से होते हुए नई ईदगाह पहुंचा। इसके बाद जुलूस पुराना बाजार और नई जामा मस्जिद-ए-अली हसन होते हुए आगे बढ़ा। पटनाउ मोहल्ला में फातिहा की रस्म अदा की गई और उसके बाद सभी ताजिए मुख्य बस स्टैंड से कर्बला के लिए रवाना हुए।
जुलूस के दौरान पूरा माहौल "या हुसैन" की सदाओं से गूंजता रहा। अकीदतमंदों ने इमाम हसन और इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया और कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
मोहर्रम इस्लामिक कैलेंडर हिजरी का पहला महीना माना जाता है और मुस्लिम समुदाय में इसका विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार करीब 1400 वर्ष पहले कर्बला की जंग में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन और उनके साथियों ने सत्य और इंसाफ की रक्षा के लिए अपनी शहादत दी थी।
मोहर्रम के जुलूस को लेकर प्रशासन और पुलिस की ओर से विशेष सुरक्षा व्यवस्था भी की गई थी। पूरे जुलूस मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा और अधिकारियों ने लगातार निगरानी रखी, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
मोहर्रम केवल मातम का पर्व नहीं, बल्कि त्याग, इंसानियत और सच्चाई के लिए दिए गए बलिदान की याद भी है, जो समाज को एकता और भाईचारे का संदेश देता है।