नवजात की मौत के बाद परिजनों का हंगामा, अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े करने वाली खबर सामने आई है। यहां एक नवजात की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। परिजनों का आरोप है कि समय पर इलाज नहीं मिला, रेफर तक नहीं किया गया और आखिरकार मासूम ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामे जैसे हालात बन गए और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।
जानकारी के अनुसार एमपी सागर संभाग के छतरपुर जिले के बकस्वाहा के ग्राम सुनहरा निवासी हल्ली लोधी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन लंबे समय तक एंबुलेंस का इंतजार करते रहे, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची। हालात बिगड़ते देख परिजन किराए के वाहन से उन्हें बकस्वाहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद करीब 20 घंटे तक उन्हें उपचार के लिए इंतजार करना पड़ा। उनका कहना है कि ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ द्वारा केवल औपचारिकताएं निभाई गईं और मरीज की स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया। परिजनों के मुताबिक जब नवजात की हालत बिगड़ने लगी, तब उन्होंने लगातार बेहतर इलाज के लिए रेफर करने की मांग की, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। आरोप है कि समय पर उपचार और रेफर की व्यवस्था होती तो शायद नवजात की जान बच सकती थी।
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं को भी जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि प्रसव कक्षों में लंबे समय से पंखे और कूलर खराब पड़े हैं, जिससे भीषण गर्मी में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग कर रहे हैं। वहीं अस्पताल प्रबंधन और संबंधित पक्ष का जवाब भी जांच के बाद सामने आ सकता है।