Sagar- पेड़ों के विवाद में चली कुल्हाड़ी, 4 आरोपियों को कोर्ट ने सुनाई 3-3 साल की सजा
सागर जिला न्यायालय ने एक पुराने विवाद में बड़ा फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को तीन-तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामला मामूली विवाद से शुरू हुआ था, लेकिन देखते ही देखते यह हिंसक झड़प में बदल गया, जहां कुल्हाड़ी और लाठी-घूंसे चले थे। अब कई साल बाद अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुनाते हुए आरोपियों को दोषी करार दिया है।
पूरा मामला सागर जिले के सानौधा थाना क्षेत्र का है। अपर लोक अभियोजक दीपक पौराणिक के अनुसार, फरियादी महेश दांगी अपने परिजनों के साथ खेत में आंधी-तूफान के दौरान गिरे पेड़ों को ट्रैक्टर से उठाकर घर ले जा रहा था। तभी रास्ते में आरोपी राजा ठाकुर, संजू ठाकुर, आजाद ठाकुर और उदय ठाकुर ने ट्रैक्टर रोक लिया।
आरोप है कि पेड़ ले जाने को लेकर विवाद शुरू हुआ और कुछ ही देर में मामला हिंसक हो गया। आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की और फिर मारपीट शुरू कर दी। बताया गया कि आरोपी आजाद ने महेश को पकड़ लिया, जबकि उदय ने उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे उसकी पीठ पर गंभीर चोट आई। इतना ही नहीं, बीच-बचाव करने पहुंचे परिजनों को भी नहीं छोड़ा गया। महेश के परिजन राकेश और उनके पिता जगदीश के साथ भी मारपीट की गई। राकेश के हाथ पर भी कुल्हाड़ी से हमला किया गया।
घटना के बाद सानौधा थाने में मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने मेडिकल जांच, एक्स-रे, हथियार जब्ती और गवाहों के बयान सहित पूरी विवेचना कर मामला अदालत में पेश किया। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सप्तम जिला न्यायाधीश उत्तम कुमार डार्बी की अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी मानते हुए तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। कानून का यह फैसला एक बार फिर यह संदेश देता है कि हिंसा और कानून हाथ में लेने वालों को देर से ही सही, लेकिन सजा जरूर मिलती है।