MP | 41 किलो चांदी से सजा गर्भगृह, चिंतामण गणेश मंदिर में गुप्त दान की मिसाल,
धर्मनगरी उज्जैन से आस्था और श्रद्धा से जुड़ी एक अनोखी खबर सामने आई है। प्राचीन चिंतामण गणेश मंदिर में एक गुप्त दानदाता ने भक्ति की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है। भगवान चिंतामण गणेश के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए दानदाता ने मंदिर के गर्भगृह की अंदरूनी दीवारों को चांदी से मढ़वा दिया है। इस विशेष कार्य में करीब 41 किलो चांदी का उपयोग किया गया है। सबसे खास बात यह है कि दानदाता ने अपनी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी है।
एमपी के उज्जैन का चिंतामण गणेश मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यह मंदिर अपनी प्राचीनता और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाएं लेकर माथा टेकते हैं। मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार कुछ समय पहले एक श्रद्धालु ने मंदिर प्रशासन से संपर्क किया था और गर्भगृह की दीवारों को चांदी से सजाने की इच्छा जताई थी। हालांकि दानदाता ने स्पष्ट रूप से कहा था कि यह सेवा पूरी तरह गुप्त रखी जाए और किसी प्रकार का सम्मान या प्रचार नहीं किया जाए।
समिति की अनुमति के बाद विशेष कारीगरों की मदद से गर्भगृह की अंदरूनी दीवारों पर चांदी की परत चढ़ाने का काम शुरू किया गया। इस कार्य में लगभग 41 किलो चांदी का उपयोग किया गया। काम पूरा होने के बाद मंदिर के गर्भगृह का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। अब गर्भगृह की दीवारें चांदी की चमक से जगमगा रही हैं और मंदिर की दिव्यता पहले से कई गुना अधिक बढ़ गई है। श्रद्धालु भी इस नए स्वरूप को देखकर आकर्षित हो रहे हैं और इसे भगवान के प्रति अनूठी श्रद्धा का प्रतीक मान रहे हैं। मंदिर प्रबंध समिति का कहना है कि यह दान केवल भक्ति और आस्था की भावना से किया गया है, जो समाज के लिए भी एक प्रेरणा है।