Sagar- बाहर झोपड़ी... अंदर एसी फर्स्ट क्लास का नज़ारा! देखकर चौंक जाएंगे आप | SAGAR TV NEWS |
बाहर से मिट्टी की झोपड़ी दिखे, लेकिन जैसे ही अंदर कदम रखें तो एहसास किसी ट्रेन के एसी फर्स्ट क्लास डिब्बे का हो जाए। सुनने में भले ही ये किसी फिल्मी सेट की कहानी लगे, लेकिन सागर यूनिवर्सिटी के परफॉर्मिंग आर्ट्स डिपार्टमेंट में यह अनोखा प्रयोग हकीकत बन चुका है।
यहां कबाड़ के जुगाड़ से ऐसा शानदार सेट तैयार किया गया है, जो गांव की मिट्टी की खुशबू और आधुनिक सुविधाओं का अनोखा संगम पेश करता है। बाहर से यह जगह किसी देसी गांव का नज़ारा देती है, लेकिन अंदर इसकी दुनिया पूरी तरह चौंका देती है।
इस अनोखे सेट में बनी झोपड़ी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि बाहर से देखने पर यह सामान्य ग्रामीण झोपड़ी लगती है, लेकिन अंदर जाते ही ऐसा महसूस होता है मानो आप ट्रेन के एसी फर्स्ट क्लास कोच में सफर कर रहे हों। इसके अलावा यहां कुआं, तांगा, बैलगाड़ी और कई ग्रामीण सेट भी तैयार किए गए हैं, जो इस जगह को और खास बनाते हैं। डिपार्टमेंट इनका इस्तेमाल कार्यक्रमों, रिहर्सल और छात्रों की प्रैक्टिस के लिए करता है।
इस रचनात्मक सोच के पीछे परफॉर्मिंग आर्ट्स विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. राकेश सोनी की करीब 12 साल की मेहनत छिपी हुई है। उन्होंने यूनिवर्सिटी परिसर में बिखरे पड़े बेकार सामान और कबाड़ को इकट्ठा किया और फिर अपनी कल्पना से उसे नई पहचान देना शुरू किया।
पुराना फर्नीचर, लोहे के खंभे, लकड़ी, कुर्सियां और अन्य अनुपयोगी सामग्री धीरे-धीरे एक नई दुनिया में बदल गई। आज यह जगह किसी फिल्मी सेट से कम नहीं दिखती।
यहां बनाई गई दो मंजिला झोपड़ी भी लोगों को सबसे ज्यादा आकर्षित करती है। लोहे के खंभों, एंगल और लकड़ी से बनी सीढ़ियों से ऊपर पहुंचते ही पूरा दृश्य बदल जाता है। बाहर गांव... और अंदर लग्जरी का एहसास — यही इस कबाड़ के जुगाड़ की सबसे बड़ी खासियत है।