वन्य जीवों की बलि देकर श्रद्धालुओं को बेची जा रही हथजोड़ी,दो तस्कर गिरफ्तार,सावधान रहें,सतर्क रहें
वन्य जीवों की बली देकर उनके अंगों को हथजोड़ी के नाम पर श्रद्धालुओं को बेचकर उन्हें ठगा जा रहा था। जब टीम ने कार्यवाई की तो कई चौंकाने वाली बात सामने आई। पूछताछ में खुलासा हुआ की जिसे लोग चमत्कारी वस्तु समझकर हजारों रुपये में खरीद रहे थे। वह वास्तव में संरक्षित वन्यजीव मॉनिटर लिजार्ड यानी गोह का शरीर है। ये अंधविश्वास का काला कारोबार महाकाल की नगरी उज्जैन में किया जा रहा था। वन विभाग की टीम ने कार्यवाई करते हुए इनके पास से 20 से ज्यादा ऐसी संदिग्ध वस्तुएं जब्त की हैं। गोह के अंगों से बनी हथजोड़ी बेचते दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
धार्मिक नगरी उज्जैन में आस्था की आड़ में अंधविश्वास का घिनौना खेल चल रहा है। महाकाल मंदिर क्षेत्र में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो ऐसे तस्करों को दबोचा है। जो वन्यजीवों को मारकर उनके अंगों को हथजोड़ी के नाम पर श्रद्धालुओं को ठग रहे थे।
वन विभाग के मुताबिक कुछ दिन पहले हरसिद्धि मंदिर क्षेत्र से भी सात हथजोड़ी बरामद की गई थीं। एक के बाद एक सामने आ रहे इन मामलों ने पूरे तंत्र को हिलाकर रख दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उज्जैन के डीएफओ अनुराग तिवारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर तस्करी के बड़े नेटवर्क की तलाश की जा रही है। उन्होंने साफ़ किया कि यह केवल ठगी का मामला नहीं है। बल्कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गंभीर अपराध है। विभाग अब इस रैकेट के ऑनलाइन कनेक्शन और सप्लाई चेन की बारीकी से जांच कर रहा है।
अंधविश्वास के नाम पर वन्यजीवों की जान ली जा रही है जो जैव विविधता के लिए बड़ा खतरा है। वन अमले ने चेतावनी दी है की धन लाभ या व्यापार में सफलता का झांसा देकर बेची जा रही ऐसी वस्तुओं के चक्कर में श्रद्धालु न पड़ें। यह न केवल कानूनन जुर्म है, बल्कि प्रकृति के साथ भी बड़ा खिलवाड़ है। प्रशासन ने अपील करते हुए कहा की किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल सूचना दें।