मध्य प्रदेश ने रचा इतिहास ! नए वक्फ बोर्ड में पहली बार शामिल हुए हिंदू सदस्य
मध्य प्रदेश ने नए वक्फ अधिनियम के लागू होने के बाद एक अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार ने नए प्रावधानों के तहत वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करते हुए 10 सदस्यीय बोर्ड का गठन किया है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। नए बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्यों को भी शामिल किया गया है।
वर्ष 2025 में लागू हुए वक्फ (संशोधन) अधिनियम के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने नए नियमों के अनुरूप वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन किया है। सरकार द्वारा गठित 10 सदस्यीय बोर्ड में सनवर पटेल को एक बार फिर चेयरमैन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस नए बोर्ड की सबसे खास बात यह है कि इसमें पहली बार दो हिंदू सदस्यों—मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव—को भी स्थान दिया गया है। नए अधिनियम में विभिन्न वर्गों की भागीदारी बढ़ाने और प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत करने का प्रावधान किया गया है।
सरकार का कहना है कि वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। साथ ही महिलाओं, पिछड़े वर्गों और अन्य विशेषज्ञों की भागीदारी बढ़ाकर संस्थागत व्यवस्था को और मजबूत बनाने की कोशिश की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे मध्य प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि राज्य ने नए अधिनियम को सबसे पहले लागू कर एक नई शुरुआत की है। उनके अनुसार यह कदम सुशासन, पारदर्शिता और समावेशी व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
वहीं केंद्र सरकार का भी कहना है कि वक्फ कानून में किए गए संशोधनों का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन के साथ जरूरतमंद लोगों के हितों की रक्षा करना और संस्थागत सुधारों को बढ़ावा देना है।
नए वक्फ बोर्ड के गठन के बाद अब इसकी कार्यप्रणाली और नए प्रावधानों के प्रभाव पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।