सागर कलेक्टर का डेयरियों पर बड़ा एक्शन ! 155 डेयरी संचालकों का आवंटन निरस्त, जमा राशि भी होगी राजसात
सागर शहर को स्वच्छ और जाम मुक्त बनाने के अभियान में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। शहर से डेयरियों को बाहर शिफ्ट करने की कार्रवाई अब तेज हो गई है। कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर 155 डेयरी संचालकों का भूखंड आवंटन निरस्त करने और उनकी जमा राशि राजसात करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
वहीं नए डेयरी संचालकों के लिए अलग से टीम भी गठित की गई है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने हफसीली डेयरी विस्थापन स्थल का निरीक्षण कर नगर निगम अधिकारियों को बिजली, पानी, ड्रेनेज और चिकित्सा जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं युद्धस्तर पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि विस्थापन स्थल पूरी तरह सुविधायुक्त होना चाहिए, ताकि डेयरी संचालकों को जल्द से जल्द वहां स्थानांतरित किया जा सके।
नगर निगम की जांच में सामने आया कि परिषद और एमआईसी के फैसलों के बावजूद अधिकांश डेयरी संचालकों ने नियमों का पालन नहीं किया। सूची में शामिल सैकड़ों डेयरी संचालकों में से केवल 4 लोगों ने ही मौके पर शेड का निर्माण कराया, जबकि 155 डेयरी संचालकों ने भूखंड मिलने और नोटिस जारी होने के बाद भी न तो निर्माण कराया और न ही अपने पशुओं को विस्थापित किया। जांच में यह भी सामने आया कि कई संचालक शहर के भीतर ही दोबारा अवैध रूप से डेयरी संचालित कर रहे हैं। इसे गंभीर नियम उल्लंघन मानते हुए प्रशासन ने ऐसे सभी डेयरी संचालकों के आवंटन निरस्त करने और उनकी जमा राशि राजसात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जिन डेयरी संचालकों की रजिस्ट्री हो चुकी है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। जिला रजिस्ट्रार को रजिस्ट्री शून्य कराने के लिए पत्र भेजा जाएगा। वहीं 54 नए आवेदकों को भूखंड आवंटित करने के लिए विशेष टीम गठित की गई है, ताकि इच्छुक डेयरी संचालकों को जल्द स्थान उपलब्ध कराया जा सके। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने स्पष्ट किया है कि शहर की स्वच्छता, यातायात व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का पालन करने वालों को सभी सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन लापरवाही बरतने वालों पर सख्त प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। सागर में डेयरी विस्थापन अभियान अब निर्णायक चरण में पहुंच चुका है।