किसानों में बढ़ रही नाराज़गी, सरकार को सद्बुद्धि देने हवन, समर्थन मूल्य पर पूरी उपज खरीदने की मांग
फिर एक बार किसानों का सरकार के खिलाफ गुस्सा देखने को मिल रहा है। साथ ही लगातार आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। किसानों का संघर्ष और भी तेज होता दिखाई दे रहा है। ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी को लेकर किसानों में गुस्सा है। जिसको लेकर उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया। तस्वीरें एमपी के नर्मदापुरम जिले की हैं जहां किसानों ने सरकार की सद्बुद्धि के लिए हवन किया। साथ ही जमकर नारेबाजी भी की गयी। किसानों की माने तो उन्हें काफी नुक्सान उठाना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है की ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी को लेकर किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। समर्थन मूल्य पर पूरी उपज खरीदे जाने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ ने अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया है। जहां दूसरे दिन किसानों ने हवन-पूजन कर सरकार से नीति बदलने की मांग उठाई। वहीं मांगें नहीं माने जाने पर और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई। बताया गया की नर्मदापुरम के पीपल चौक पर भारतीय किसान संघ का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। बड़ी संख्या में किसान धरना स्थल पर पहुंचे और सरकार की मूंग खरीदी नीति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था के तहत प्रति एकड़ केवल 1 क्विंटल 20 किलो मूंग खरीदी जा रही है। जबकि खरीदी 12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के हिसाब से की जानी चाहिए। किसानों का कहना है की उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों ने सरकार की सद्बुद्धि के लिए हवन करते हुए आहुतियां दी और जल्द नीति में बदलाव की मांग की। किसानों की प्रमुख मांग है की ग्रीष्मकालीन मूंग की 100 प्रतिशत उपज समर्थन मूल्य पर खरीदी जाए। भारतीय किसान संघ ने साफ़ किया की जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जल्द समाधान न होने पर उग्र आंदोलन किया जायेगा। आने वाले दिनों में परिवार और बच्चों के साथ विरोध प्रदर्शन करने की बात भी कही गई।--