हमें पिताजी से बचाइए ! कलेक्टर जनसुनवाई में फूट पड़ा भाई-बहन का दर्द, सुरक्षा की लगाई गुहार
कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में उस वक्त भावुक माहौल बन गया, जब एक भाई और बहन अपने ही पिता से जान का खतरा बताकर प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाने पहुंच गए। दोनों का आरोप है कि मां की मौत के बाद पिता का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियों से परेशान होकर उन्हें अपना घर तक छोड़ना पड़ा। अब दोनों प्रशासन से न्याय और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
मामला एमपी के बालाघाट जिले के परसवाड़ा क्षेत्र के ग्राम भीमोडी का है। शिकायतकर्ता साकेत बघेल और उनकी बहन वीणा बघेल ने कलेक्टर जनसुनवाई में आवेदन देकर आरोप लगाया कि करीब पांच वर्ष पहले उनकी मां का निधन हो गया था। इसके बाद उनके पिता दूसरी शादी करना चाहते थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट और प्रताड़ना शुरू हो गई।
दोनों का कहना है कि लगातार बढ़ते विवाद और दबाव के कारण करीब चार महीने पहले उन्हें अपना पैतृक घर छोड़ना पड़ा। फिलहाल वे परसवाड़ा में किराए के कमरे में रहकर अपना जीवन गुजार रहे हैं। लेकिन उनका आरोप है कि घर छोड़ने के बाद भी पिता उनका पीछा नहीं छोड़ रहे। वे आए दिन गाली-गलौज करते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं, जिससे वे लगातार भय के माहौल में जी रहे हैं।
पीड़ित भाई-बहन ने बताया कि उन्होंने पहले स्थानीय पुलिस थाने में भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। कार्रवाई न होने से निराश होकर वे सीधे जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। दोनों भाई-बहन ने प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने और उनके पिता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना होगा कि जनसुनवाई में उठे इस पारिवारिक विवाद पर जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है और पीड़ित भाई-बहन को कब तक राहत मिलती है।