सड़क नहीं बनी तो जूते-चप्पल त्याग दूंगा! विधायक के ऐलान के बाद मुख्यमंत्री ने तुरंत संभाला मोर्चा
मध्य प्रदेश की राजनीति में एक भावुक बयान ने नई चर्चा छेड़ दी है। एमपी के शाजापुर जिले के कालापीपल से भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने सार्वजनिक मंच से अपनी विधानसभा की बदहाल सड़कों को लेकर ऐसा ऐलान कर दिया, जिसने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। विधायक ने कहा कि जब तक उनकी विधानसभा की सड़कें नहीं बनेंगी, तब तक वे जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे। उनके इस बयान के बाद मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें संयम बरतने की सलाह दी।
एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने अपनी विधानसभा की सड़कों की खराब स्थिति का मुद्दा उठाते हुए कहा, "जब तक मेरी विधानसभा की सड़कें नहीं बनेंगी, तब तक मैं जूते-चप्पल का त्याग करता हूं। चाहे 10 साल लग जाएं, लेकिन सड़क बनने तक मैं जूते-चप्पल नहीं पहनूंगा।" विधायक के इस भावुक ऐलान के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विधायक का बयान सुनते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच पर मौजूद मंत्री इंदर सिंह परमार की ओर इशारा किया। इसके बाद मंत्री विधायक के पास पहुंचे और उन्हें दूसरे विषय पर चर्चा करने के लिए कहा। इस घटनाक्रम ने कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से और अधिक चर्चित बना दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंच से ही विधायक के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "हमारे भोले-भाले विधायक ने भावनाओं में यह बात कही है। हमें जूते-चप्पल छोड़ने की जरूरत नहीं है। हमारे जूते हमें आगे बढ़ने और विकास की राह पर दौड़ने की ताकत देते हैं। दुनिया की कोई ताकत हमें विकास के रास्ते से नहीं रोक सकती।"
मुख्यमंत्री ने विधायक को सलाह देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार प्रदेश में लगातार सड़क विकास के लिए काम कर रही है और लाखों किलोमीटर सड़कें बनाई जा चुकी हैं। अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जूते-चप्पल छोड़ने की राजनीति विपक्ष का तरीका हो सकता है, लेकिन उनकी सरकार विकास और परिणामों की राजनीति करती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में तेज़ी से हो रहे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। विधायक का यह बयान अब राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर इसे क्षेत्र की समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधि की पीड़ा बताया जा रहा है, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया को सरकार का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।