सागर- मरीज के बेड के नीचे बहा पेशाब, एक साल से बंद पड़ा सर्जरी वार्ड का बाथरूम, जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था!
प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल के जिले के सागर जिला अस्पताल से एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। महिला मेडिसिन वार्ड में मरीज के पलंग के नीचे पेशाब बहता दिखाई दिया, जबकि अस्पताल में भर्ती मरीज और उनके परिजन बदबू और गंदगी के बीच इलाज कराने को मजबूर हैं। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि यह मामला सागर जिला अस्पताल के 6 नंबर महिला मेडिसिन वार्ड का है। यहां एक मरीज के परिजन ने बुधवार शाम करीब साढ़े सात बजे वीडियो बनाकर अस्पताल की बदहाल स्थिति उजागर की। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि वार्ड के पास बने बाथरूम से रिसाव होकर पेशाब मरीज के पलंग के नीचे तक पहुंच गया है। गंदगी और तेज बदबू के बीच मरीजों का इलाज जारी है।
परिजनों का कहना है कि 6 नंबर वार्ड में दो वार्डों के मरीजों के लिए केवल एक ही बाथरूम उपलब्ध है। वहीं, 5 नंबर महिला सर्जरी वार्ड का शौचालय पिछले करीब एक साल से बंद पड़ा हुआ है। ऐसे में महिला मरीजों और उनके परिजनों को करीब 50 मीटर दूर बने दूसरे शौचालय का उपयोग करना पड़ता है। परिजनों का आरोप है कि जो मरीज चलने-फिरने में असमर्थ हैं, वे मजबूरी में वार्ड के बाहर गैलरी में ही पेशाब करने को विवश हो जाते हैं। इसी वजह से अस्पताल में गंदगी फैल रही है और संक्रमण का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।
यह वीडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है, जिसे एक मरीज के परिजन ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड किया था। वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप यह भी है कि अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों को इस समस्या की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
मरीजों और उनके परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि बंद पड़े बाथरूम को तत्काल चालू कराया जाए, वार्डों की साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल, सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वायरल वीडियो के बाद जिला अस्पताल प्रशासन क्या कदम उठाता है और मरीजों को कब तक राहत मिलती है।