सागर- आर्मी गेट के सामने बने होटल पर बवाल! सेना की सुरक्षा से खिलवाड़ का शिवसेना का आरोप
सागर के मकरोनिया क्षेत्र में सेना के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने बने एक होटल को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। शिवसेना ने आरोप लगाया है कि होटल निर्माण और संचालन में नियमों की अनदेखी की गई है, जिससे भारतीय सेना की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर शिवसैनिकों ने संभागायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मकरोनिया सिविल लाइन रोड स्थित भारतीय सेना के मुख्य द्वार के सामने बने मिडास होटल को लेकर शिवसेना ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिवसेना के उप-राज्य प्रमुख पप्पू तिवारी ने कहा कि स्थानीय प्रशासन की कथित मिलीभगत से होटल निर्माण की अनुमति दी गई, जबकि सेना की अनापत्ति प्रमाण-पत्र यानी एनओसी के बिना इस प्रकार के निर्माण की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी।
शिवसेना का दावा है कि मध्य प्रदेश भूमि विकास नियम-2012 और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएनसीपी) के प्रावधानों के अनुसार सैन्य क्षेत्रों के आसपास किसी भी निर्माण के लिए सेना की लिखित अनुमति आवश्यक होती है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि रक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनदेखी कर बहुमंजिला भवन का निर्माण कराया गया। शिवसेना जिला प्रमुख दीपक सिंह लोधी ने कहा कि रक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा से जुड़े नियमों के तहत सैन्य क्षेत्र के आसपास निर्माण को लेकर स्पष्ट प्रावधान हैं। उनका आरोप है कि इन नियमों का पालन नहीं किया गया और बार-बार शिकायत के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
शिवसेना जिला प्रभारी विकास सिंह ने कहा कि संगठन लंबे समय से इस मामले को उठा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो शिवसेना मकरोनिया में विशाल मशाल जुलूस निकालकर आंदोलन करेगी। शिवसेना के प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी कमिश्नर विमलेश सिंह को संभागायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान अनूप पटेरिया, पंकज दुबे, अक्षय गौतम, सचिन जैन, अजय बुंदेला, सुमित भार्गव सहित कई शिवसैनिक मौजूद रहे। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि शिकायत की जांच के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।