ब्लड कैंसर के आधुनिक इलाज पर आईएमए सागर का वैज्ञानिक सेमिनार, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और प्रिसीजन मेडिसिन पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
ब्लड कैंसर के आधुनिक इलाज पर आईएमए सागर का वैज्ञानिक सेमिनार, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और प्रिसीजन मेडिसिन पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
सागर, 12 जुलाई। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) सागर शाखा द्वारा ब्लड कैंसर, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, प्रिसीजन मेडिसिन और रक्ताधान सुरक्षा (हीमोविजिलेंस) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर उच्चस्तरीय वैज्ञानिक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अरविंद सराफ और डॉ. विश्वास सप्रे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
सेमिनार के पहले वैज्ञानिक सत्र में प्रसिद्ध हीमैटोलॉजिस्ट डॉ. सचिन बंसल ने "Basics of Bone Marrow Transplant" विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि बोन मैरो ट्रांसप्लांट रक्त कैंसर, एप्लास्टिक एनीमिया और अन्य गंभीर रक्त एवं प्रतिरक्षा संबंधी रोगों के उपचार की प्रभावी आधुनिक तकनीक है। उन्होंने ऑटोलॉगस और एलोजेनिक बोन मैरो ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया, उपयुक्त मरीजों के चयन और उपचार की सफलता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। इस सत्र की अध्यक्षता डॉ. हर्ष मिश्रा और डॉ. नीरज जैन ने की।
दूसरे सत्र में डॉ. सैकत दत्ता ने "Precision Medicine in Hematology" विषय पर प्रस्तुति देते हुए बताया कि आधुनिक जीन प्रोफाइलिंग और आणविक परीक्षणों की मदद से प्रत्येक मरीज के लिए उसकी आनुवंशिक विशेषताओं के अनुरूप उपचार तय किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रिसीजन मेडिसिन के माध्यम से उपचार अधिक प्रभावी, सुरक्षित और व्यक्तिगत बन रहा है, जिससे मरीजों की जीवन गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है। इस सत्र की अध्यक्षता डॉ. ऋषभ जैन ने की।
तीसरे सत्र में डॉ. अमर गंगवानी ने "Haemovigilance 2026: From Bedside to Database" विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने सुरक्षित रक्ताधान, प्रतिकूल रक्ताधान प्रतिक्रियाओं की समय पर पहचान, रिपोर्टिंग और रोकथाम के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि हीमोविजिलेंस प्रणाली में सक्रिय भागीदारी से रक्ताधान संबंधी जटिलताओं को कम कर मरीजों की सुरक्षा को और मजबूत बनाया जा सकता है। इस सत्र की अध्यक्षता डॉ. आर.के. बिंदुआ ने की।
आईएमए सागर के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने कहा कि इस तरह के केस-आधारित और वैज्ञानिक कार्यक्रम चिकित्सकों के ज्ञान और क्लिनिकल दक्षता को लगातार समृद्ध करते हैं। इससे मरीजों को समय पर सटीक निदान और आधुनिक उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
सेमिनार में सागर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में चिकित्सकों ने भाग लिया और विशेषज्ञों के साथ जटिल क्लिनिकल मामलों पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम का संचालन आईएमए सागर के सचिव डॉ. रोशी जैन ने किया। अंत में आईएमए सागर ने भविष्य में भी ऐसे उच्चस्तरीय शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित कर चिकित्सकों के सतत प्रशिक्षण और क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।