सागर- भक्त के लिए भगवान हुए बीमार, वैद्य ने नब्ज़ टटोली काढ़ा और खिचड़ी का लगेगा भोग | SAGAR TV NEWS |
क्या आपने कभी सुना है की भगवान बीमार पढ़ गए हों और उनका इलाज किया जा रहा हो। शायद आपको हैरानी वाली बात लगे लेकिन ये सच है। सागर जिले के गढ़ाकोटा में भक्त के लिए भगवान बीमार पढ़ गए हैं। जिनकी नब्ज़ टटोलने बकायदा वैध पहुंचे और काढ़ा भी दिया गया। और ये सब आज से नहीं बल्कि दशकों से होता आ रहा है।
बता दें की सागर के सिद्ध क्षेत्र पटेरिया स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ स्वामी मंदिर गढ़ाकोटा में डेढ़ सौ साल से ज्यादा समय से चली आ रही रथयात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं। नगर में हर साल निकलने वाली रथयात्रा में बुंदेलखंड के श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। इस साल 16 जुलाई को प्रभु प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकलेंगे। साथ ही भक्तों को शुद्ध घी से बने मालपुओं का प्रसाद वितरित किया जाएगा।
ऐसी मान्यता है कि जो भक्त पुरी, उड़ीसा नहीं जा पाते, वे गढ़ाकोटा पहुंचकर पुरी जैसे दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करते हैं। रथ यात्रा की पहले सभी परंपराएं विधिवत निभाई जाती हैं। 11 दिन पहले बीमार हुए भगवान की नाड़ी देखकर इलाज करने की परंपरा गढ़ाकोटा का तिवारी परिवार तीन पीढ़ियों से निभा रहा है इसी को लेकर जगन्नाथ स्वामी की नब्ज़ टटोलने के बाद वैद्य ने औषधियुक्त काढ़ा देने की सलाह दी है। बताया जाता है की गढ़ाकोटा में दो सौ साल से ज्यादा समय से जगन्नाथ पुरी की तरह रथयात्रा निकाली जा रही है। इस साल इस भव्य दिव्य रथ यात्रा का 250 वां साल है।
महंत और महामंडलेश्वर हरिदास ने वैद्य बुलाने की परंपरा का निर्वाहन किया। तिवारी परिवार के वैद्य पं.अम्बिका प्रसाद तिवारी ने जगदीश मंदिर पहुंचकर भगवान की नब्ज टटोली और नब्ज के हिसाब से भगवान के लिए औषधि दी।
इसी साल पूर्व मंत्री और विधायक गोपाल भार्गव ने मंदिर परिसर में दिव्य देवी लोक मणिद्वीप और नवग्रह पीठ की स्थापना कराई। साथ ही सात दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा का आयोजन और महाप्रसादी वितरण के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया था।
तीन रथों पर विराजमान होकर जगन्नाथ स्वामी, बलराम जी और बहन सहोद्रा जी बाजार स्थित मालगुजार परिवार के जनकपुरी मंदिर नगर भ्रमण के बाद 14 दिन ठहरते हैं। रथयात्रा का जगह-जगह भव्य स्वागत किया जाता है।