घर में विधवा महिला को अकेला पाकर की डकैती, फिर इज्जत को किया तार-तार, आरोपी फरार लोगों में गुस्सा
एक विधवा महिला के साथ बर्वरता किये जाने की रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आने के बाद लोगों में जमकर आक्रोश पनप रहा है। पहले घर में घुसकर बदमाशों ने डकैती की, इसके बाद कथित तौर से सामूहिक रूप से गंदे काम को अंजाम दिया। कई घंटे बीत जाने के बाद भी क्षेत्र में तनाव फैला हुआ है। लोगों में भारी आक्रोश है। ये वारदात एमपी के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र अलीराजपुर जिले के बोरी थाना अंतर्गत एक गांव में हुई। इस घटना ने पूरे जिले को झखझोर कर रख दिया। वहीं इस मामले में सियासी सरगर्मी भी तेज हो गयी है। सभी राजनीतिक दल और सामजिक संगठन पीड़िता के पक्ष में लामबंद दिखाई दे रहे हैं। वहीं पुलिस हालातों पर नज़र बनाए हुए है। हैवानों की तलाश की जा रही है।
बता दें की आदिवासी समाज की महिला के पति का निधन हो चुका है। घर में देर रात आठ से दस हथियारबंद बदमाश घुसे। जिन्हे घर में चांदी के गहने रखे होने का शक था। महिला ने करीब एक किलो चांदी के गहने भी सौंप दिए। लेकिन बदमाश नहीं माने, चांदी की तलाश में कई जगह खुदाई की। पीड़िता का एक बेटा इंदौर में पढ़ाई, जबकि छोटा बेटा गुजरात में काम करता है। महिला घर में अकेली रहती थी। जिसका फायदा उठाकर बदमाशों ने महिला को बंधक बनाकर एक किलो चांदी और नकदी लूट ली। लूटपाट के बाद सामूहिक दरिंदगी भी की।
घटना की सूचना मिलने के बाद कांग्रेस भाजपा कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं ने तत्काल घटनास्थल का दौरा किया। पीड़िता के परिजनों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए भारी संख्या में बीजेपी के शीर्ष नेता भी घटना स्थल पर पहुंच रहे हैं। जिनमें मंत्री, सांसद, विधायक समय अन्य के लोग शामिल हैं। जय आदिवासी युवा संगठन समेत क्षेत्र के तमाम सामाजिक संगठनों ने बोरी बंद का आह्वान किया था। जहां उन्हें व्यापारिक संगठनों का भी समर्थन मिला। वहीं सुरक्षा के लिहाज से चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
मामले में पुलिस का कहना है की अलग-अलग टीम बनाकर जांच की जा रही है। तलाशी और पूछताछ की जा रही है। महिला की हालत स्थिर है। जल्द ही अपराधियों को पकड़ लिया जाएगा।