कियोस्क बैंक में जमा लाखों रुपये गायब! संचालक की मौ त के बाद उपभोक्ताओं की बढ़ी चिंता, पुलिस जांच शुरू
बैंकिंग व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। झलौन गांव में संचालित एसबीआई कियोस्क बैंक में लोगों ने लाखों रुपये जमा किए, लेकिन रकम उनके खातों तक पहुंची ही नहीं। इस बीच कियोस्क संचालक की मौत हो जाने से उपभोक्ताओं की चिंता और बढ़ गई है। अब पीड़ितों ने पुलिस से अपने पैसे वापस दिलाने की गुहार लगाई है। मामला एमपी के सागर संभाग के दमोह जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के झलौन गांव का है, जहां रूपेश जैन द्वारा एसबीआई कियोस्क बैंक का संचालन किया जाता था। करीब डेढ़ महीने पहले रूपेश जैन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उनका शव एक कुएं से मिला था। इसके बाद जब उपभोक्ता अपने खातों की जानकारी लेने बैंक पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि कियोस्क पर जमा कराई गई रकम उनके खातों में जमा ही नहीं हुई।
पीड़ित रेखा रैकवार ने बताया कि उन्होंने कियोस्क बैंक में 30 हजार रुपये जमा किए थे। बैंक पहुंचकर पासबुक अपडेट कराई तो खाते में रकम नहीं मिली। जब उन्होंने बैंक अधिकारियों से जानकारी मांगी, तो उन्हें बताया गया कि इस संबंध में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है और संबंधित दस्तावेज पुलिस के पास हैं। एक अन्य उपभोक्ता ने आरोप लगाया कि उसने कियोस्क बैंक में तीन लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन वह राशि भी खाते में नहीं पहुंची। अब संचालक की मौत के बाद उन्हें समझ नहीं आ रहा कि अपनी जमा पूंजी किससे वापस मांगें।
जानकारी के अनुसार, अब तक 10 से 12 उपभोक्ता पुलिस के पास आवेदन दे चुके हैं। उनका दावा है कि करीब 10 लाख रुपये कियोस्क बैंक में जमा किए गए थे, जो खातों में दर्ज नहीं हुए। तेंदूखेड़ा एसडीओपी अर्चना अहीर ने बताया कि सभी आवेदनों के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और संबंधित बैंक से खातों का रिकॉर्ड तथा स्टेटमेंट भी मांगा गया है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले ने ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था और कियोस्क संचालन की पारदर्शिता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पीड़ितों को उम्मीद है कि जांच के बाद उनकी मेहनत की कमाई उन्हें वापस मिल सकेगी।