श्रावण-भादौ में 6 भव्य सवारियां, महाकाल की शाही सवारी की तैयारियां शुरू, श्रद्धालुओं के लिए नई व्यवस्थाएं लागू
एमपी के उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध भगवान महाकाल की श्रावण-भादौ सवारियों को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कलेक्टर एवं श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु दर्शन व्यवस्था को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए। इस बार श्रावण और भादौ मास में भगवान महाकाल की कुल 6 भव्य सवारियां निकाली जाएंगी, जिनमें अंतिम सवारी राजसी यानी शाही सवारी होगी।
बैठक में तय किया गया कि पहली सवारी 3 अगस्त से शुरू होगी, जबकि अंतिम राजसी (शाही) सवारी 7 सितंबर को निकलेगी। श्रावण मास में चार और भादौ मास में दो सवारियां आयोजित होंगी। परंपरागत मार्ग से निकलने वाली इन सवारियों में श्रद्धालुओं को बेहतर दर्शन कराने के लिए इस बार विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। सवारी मार्ग पर सुरक्षा के लिए व्यापक बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरे, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, पेयजल, चिकित्सा और सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। श्रद्धालुओं को सवारी के दर्शन कराने के लिए पांच एलईडी रथ भी शामिल किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग आसानी से भगवान महाकाल के दर्शन कर सकें।
श्रावण-भादौ के दौरान 30 जुलाई से 7 सितंबर तक भस्म आरती के समय में भी बदलाव रहेगा। आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था, शीघ्र दर्शन, जूता स्टैंड, पार्किंग और कांवड़ यात्रियों के प्रवेश को लेकर अलग-अलग व्यवस्थाएं तय की गई हैं। कांवड़ यात्रियों को सप्ताह में केवल मंगलवार से शुक्रवार तक विशेष प्रवेश मिलेगा, जबकि शनिवार, रविवार और सोमवार को अनुमति नहीं होगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि हर सवारी को एक विशेष थीम पर सजाया जाएगा।
जनजातीय सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुतियां, झांकियां और श्रावण महोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रम इस बार भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। साथ ही सवारी मार्ग पर 15 स्थानों पर मेडिकल टीमें और 24 घंटे एंबुलेंस सेवा तैनात रहेगी। महाकाल की नगरी उज्जैन अब एक बार फिर भक्ति, आस्था और भव्यता के रंग में रंगने जा रही है। प्रशासन का दावा है कि इस बार श्रद्धालुओं को पहले से अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दिव्य दर्शन का अनुभव मिलेगा।