रास्ता बंद होने पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा ! स्कूली बच्चों और मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
एमपी के सागर संभाग के दमोह जिले के पथरिया जनपद क्षेत्र के ग्राम उमराहो में सार्वजनिक रास्ता बंद किए जाने को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण पुलिस थाने पहुंचे और प्रशासन से तत्काल रास्ता खुलवाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि इस रास्ते के बंद होने से स्कूली बच्चों की पढ़ाई और मरीजों के इलाज पर गंभीर असर पड़ रहा है।
ग्राम उमराहो के बुजुर्ग, महिलाएं, पुरुष और स्कूली छात्र-छात्राएं आवेदन लेकर पथरिया थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव के बीच से गुजरने वाले पुराने सार्वजनिक मार्ग को कुछ लोगों ने दोबारा बंद कर दिया है, जबकि इससे पहले तहसीलदार, आरआई, पटवारी और पुलिस की मौजूदगी में इसी रास्ते को खुलवाया गया था।
ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता बंद होने से पूरे गांव का आवागमन प्रभावित हो गया है। खेतों तक पहुंचने, बाजार जाने और रोजमर्रा के जरूरी कामों में लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे समय और आर्थिक नुकसान दोनों हो रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों ने बताया कि रास्ता बंद होने की वजह से उन्हें काफी दूरी तय करनी पड़ रही है। कई बार वे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
वहीं ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि यदि गांव में कोई बीमार हो जाए या किसी गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना पड़े, तो रास्ता बंद होने के कारण समय पर पथरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। उनका कहना है कि पहले भी ऐसी स्थिति बनी थी, जिसे प्रशासन ने हस्तक्षेप कर ठीक कराया था, लेकिन अब फिर वही समस्या खड़ी हो गई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कर सार्वजनिक मार्ग को दोबारा खुलवाया जाए, ताकि गांववासियों को राहत मिल सके। इस मामले में पथरिया थाना प्रभारी नेहा गोस्वामी ने बताया कि ग्रामीणों का आवेदन प्राप्त हो गया है। आवेदन के आधार पर जांच की जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।