स्कूटी फिसली, बस से कुचलकर महिला कंप्यूटर ऑपरेटर की मौत, हाईवे के गड्ढे बने मौत का जाल !
नेशनल हाईवे-44 की बदहाल सड़क एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। हाईवे पर बने गहरे गड्ढों के कारण स्कूटी अनियंत्रित होकर फिसल गई और तहसील की एक कंप्यूटर ऑपरेटर पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस की चपेट में आ गईं। हादसा इतना भयावह था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद एक बार फिर हाईवे की खराब स्थिति पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। दर्दनाक हादसा गुरुवार दोपहर एमपी के मुरैना के छौंदा स्थित कंसाना पेट्रोल पंप के सामने हुआ। जानकारी के अनुसार, निर्वाचन शाखा में पदस्थ 36 वर्षीय कंप्यूटर ऑपरेटर अंजू तोमर स्कूटी से मुरैना से बानमोर जा रही थीं।
बताया जा रहा है कि सड़क किनारे पड़े पत्थर से बचने के प्रयास में उन्होंने स्कूटी मोड़ी, लेकिन हाईवे पर बने गहरे गड्ढों के कारण स्कूटी का संतुलन बिगड़ गया। स्कूटी फिसलते ही अंजू सड़क पर गिर गईं। तभी पीछे से ग्वालियर की ओर जा रही तेज रफ्तार बस उन्हें कुचलते हुए निकल गई। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई।
अंजू तोमर हाल ही में मुरैना की श्याम विहार कॉलोनी में नया मकान बनाकर रहने लगी थीं। उनका एक 10 वर्षीय बेटा है। उनके बड़े भाई कुलदीप भदौरिया मुरैना पुलिस में पदस्थ हैं। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और गांव थरा में उनका अंतिम संस्कार किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि नेशनल हाईवे-44 पर गहरे गड्ढों के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन सड़क की मरम्मत अब तक नहीं कराई गई। इस दर्दनाक घटना के बाद लोग जिम्मेदार विभागों से तत्काल हाईवे की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने की मांग कर रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर और कितनी जानें जाने के बाद इस हाईवे की बदहाल तस्वीर बदलेगी? अब सभी की नजर प्रशासन और संबंधित विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।