जंगलों पर साल बोरर का हमला! 30 हजार हेक्टेयर वन प्रभावित, 10 लाख से ज्यादा कीट पकड़े गए
मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले के जंगलों में साल के पेड़ों पर एक खतरनाक कीट का हमला वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। साल बोरर नामक कीट ने हजारों हेक्टेयर वन क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है। हालात इतने गंभीर हैं कि लाखों साल के पेड़ प्रभावित हो चुके हैं। हालांकि, वन विभाग और स्थानीय ग्रामीण मिलकर इस कीट पर नियंत्रण पाने के लिए विशेष अभियान चला रहे हैं। सामान्य वनमंडल डिंडोरी के पूर्व करंजिया, पश्चिम करंजिया और दक्षिण समनापुर वन परिक्षेत्र में वर्ष 2026-27 के दौरान साल बोरर कीट का व्यापक प्रकोप देखा गया है। वन विभाग के अनुसार अब तक करीब 30 हजार 487 हेक्टेयर वन क्षेत्र और लगभग 1 लाख 47 हजार साल के वृक्ष इस कीट से प्रभावित पाए गए हैं।
कीट नियंत्रण के लिए राज्य वन अनुसंधान संस्थान, जबलपुर के मार्गदर्शन में 20 जून से 30 जुलाई तक विशेष ट्रैप ट्री ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस तकनीक के तहत निर्धारित क्षेत्र में साल के एक पेड़ को काटकर उसकी छाल को वहीं छोड़ दिया जाता है। पेड़ से निकलने वाली गंध से आकर्षित होकर साल बोरर कीट उस पर इकट्ठा हो जाते हैं। इसके बाद प्रतिदिन सुबह 5 बजे से 7 बजे के बीच स्थानीय ग्रामीण इन कीटों को पकड़ते हैं। वन विभाग के मुताबिक अब तक 10 लाख से अधिक साल बोरर कीट पकड़े जा चुके हैं। ग्रामीण इन कीटों की मालाएं बनाकर वन विभाग द्वारा बनाए गए संग्रहण केंद्रों पर जमा करा रहे हैं।
डिंडोरी वनमंडल में खारिडीह, चौरादादर, कबीर, जगतपुर और करंजिया में पांच संग्रहण केंद्र बनाए गए हैं। ग्रामीणों को प्रोत्साहित करने के लिए इस वर्ष प्रति कीट दो रुपये की राशि तय की गई है, जिसका भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा। वन विभाग ने साल बोरर से प्रभावित पेड़ों की कटाई की अनुमति के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। अनुमति मिलते ही प्रभावित वृक्षों को हटाने का काम शुरू किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो यह कीट साल के घने जंगलों को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। फिलहाल विभाग और ग्रामीणों की संयुक्त पहल इस संकट से निपटने की सबसे बड़ी उम्मीद बनी हुई है।