नौकरी का झांसा या बंधक बनाने का खेल? नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर लड़कियों से लाखों की वसूली का आरोप
एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि नौकरी दिलाने का झांसा देकर कई युवतियों को इंदौर बुलाया गया, उनसे हजारों रुपये वसूले गए और फिर हॉस्टल में रखकर आने-जाने व परिजनों से संपर्क करने पर रोक लगा दी गई। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और एक महिला संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
मामला एमपी के इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रतलाम, रावटी और आसपास के आदिवासी इलाकों से 30 से अधिक युवतियों को नौकरी का सपना दिखाकर इंदौर लाया गया। आरोप है कि उन्हें आयुर्वेदिक उत्पादों के व्यवसाय में काम देने की बात कही गई, लेकिन यहां आने के बाद उनसे 7 हजार रुपये कम्युनिकेशन फीस और 16 हजार रुपये रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर वसूले गए।
युवतियों का आरोप है कि उन्हें एक हॉस्टल में रखा गया, जहां मोबाइल फोन के इस्तेमाल और परिजनों से बातचीत पर रोक लगा दी गई। साथ ही कथित तौर पर उन्हें जबरन नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाती थी और बाहर आने-जाने की भी अनुमति नहीं थी। मामले का खुलासा तब हुआ, जब चार युवतियां देर रात हॉस्टल से निकलकर किसी तरह इंदौर से रवाना हुईं और बिना रेलवे टिकट रतलाम पहुंच गईं। वहां उन्होंने अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
इसके बाद परिजन इंदौर पहुंचे और पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान महाभारती इंटरप्राइजेज नाम से संचालित एक कार्यालय सामने आया, जहां से कथित रूप से यह पूरा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हालांकि, युवतियों द्वारा लगाए गए बंधक बनाने और जबरन रखने जैसे आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जा रही है। फिलहाल संस्था की संचालक उर्मिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों, दस्तावेजों और पीड़िताओं के बयान के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।