मूसलाधार बारिश भी नहीं रोक सकी आस्था! गढ़ाकोटा में निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा
सागर जिले के गढ़ाकोटा में आस्था का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां तेज बारिश भी श्रद्धालुओं के उत्साह को कम नहीं कर सकी। देश-प्रदेश में अपनी अलग पहचान रखने वाली भगवान जगन्नाथ स्वामी की ऐतिहासिक रथयात्रा पूरे धार्मिक उल्लास और भव्यता के साथ निकाली गई। बारिश के बीच हजारों श्रद्धालु भगवान के जयकारे लगाते हुए रथ के साथ चलते रहे और पूरा नगर भक्तिमय माहौल में डूब गया। रथयात्रा से पहले परंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ स्वामी के स्वास्थ्य लाभ के उपलक्ष्य में रात 12 बजे महाआरती और भव्य कीर्तन का आयोजन किया गया। भगवान को छप्पन भोग अर्पित किए गए, वहीं विशेष रूप से शुद्ध घी से बने मालपुओं का भोग भी लगाया गया। इसके लिए तीनों रथों की आकर्षक सजावट, मरम्मत और वार्निश का कार्य पहले ही पूरा कर लिया गया था।
सिद्ध क्षेत्र पटेरिया स्थित जगदीश मंदिर से भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा अलग-अलग रथों में विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले। यात्रा में पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, मंदिर व्यवस्थापक मनोज तिवारी सहित हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और जयघोष के बीच रथयात्रा आगे बढ़ती रही। रूई बाजार पहुंचने पर परंपरा के अनुसार लम्बरदार नायक परिवार ने गाजे-बाजे, आतिशबाजी और पुष्पवर्षा के साथ भगवान का भव्य स्वागत किया। इसके बाद रथयात्रा जनकपुरी मंदिर पहुंची, जहां विधि-विधान से आरती कर भगवान को विराजमान कराया गया।
महामंडलेश्वर महंत श्री हरिदास जी ने बताया कि यह धार्मिक परंपरा लगभग ढाई सौ वर्षों से निरंतर चली आ रही है। भगवान जगन्नाथ अब 3 अगस्त, सावन के पहले सोमवार तक जनकपुरी मंदिर में विराजमान रहेंगे, जिसके बाद उनकी वापसी यात्रा सिद्ध क्षेत्र जगदीश मंदिर पटेरिया के लिए निकलेगी। तेज बारिश के बीच निकली यह ऐतिहासिक रथयात्रा एक बार फिर यह संदेश दे गई कि सच्ची आस्था के आगे मौसम भी बेबस हो जाता है। श्रद्धालुओं का उत्साह, भक्ति और भगवान जगन्नाथ के जयकारों ने गढ़ाकोटा को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। हर वर्ष की तरह इस बार भी हजारों श्रद्धालुओं ने इस पावन रथयात्रा में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित किया।