Sagar- कीमती मनके उगल रही धरती, UTD के प्रोफ़ेसर बोले 500 साल पुरानी बस्ती के निशान
कितना मशहूर और प्यारा गाना है की मेरी देश की धरती सोना उगले उगले हीरे मोती मेरे देश की धरती....आज भी ऐसा ही कुछ देखने को मिलता है। सागर के देवरी क्षेत्र के जैतपुर डोमा गांव की धरती भी मनके उगल रही है जो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। बंजर पड़ी जमीन से कीमती मनके निकल रहे हैं जिन्हे गुरिया भी कहा जाता है। जिनकी कीमत 25 हजार रूपये तक मिल रही है वहीं अब इस मामले में दिलचस्प बात निकलकर सामने आई है की ये करीब 500 साल पुरानी बस्ती के निशान हो सकते हैं।
बता दें की देवरी के जैतपुर डोमा गांव में बंजर जमीन में लोग मनके ढूंढने पहुंचते हैं। मिट्टी से निकल रहे छोटे-छोटे कीमती मनकों की तलाश में रोज सुबह से शाम तक ग्रामीण जुटे रहते हैं। दावा किया जा रहा है की अब तक करीब 10 लोगों को ऐसे मनके मिल चुके हैं। जिनमें से एक मनके की कीमत 25 हजार रुपये तक लग चुकी है। इन्हे खरीदने गांव में खरीदार भी पहुंच रहे हैं। जो मनकों की गुणवत्ता परखकर तत्काल नकद भुगतान कर उन्हें खरीद लेते हैं। जिससे महिलाएं, पुरुष और बच्चे रोज सुबह बंजर जमीन पर पहुंचकर मनकों की तलाश करते दिखाई देते हैं।
इस मामले में डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के पुरातत्त्व विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. नागेश दुबे से जब जानकारी ले गई तो उन्होंने बताया की शुरूआती तौर पर यह क्षेत्र करीब 500 साल पुरानी किसी बस्ती का हिस्सा प्रतीत होता है। उस समय लोग मनकों से बने आभूषण पहनते थे। ऐसी संभावना है कि उसी काल के ये मनके अब मिट्टी से बाहर आ रहे हैं। वैज्ञानिक भाषा में इन्हें मनका (Bead) कहा जाता है।
वहीं ग्रामीणों की माने तो इससे पहले देवरी के सिलारी और केसली के मदनपुर गांव में भी इसी तरह के कीमती मनके मिल चुके हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि ये मुगलकालीन आभूषणों में इस्तेमाल होने वाले मनके या पत्थर हो सकते हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।------