सागर- करोड़ों की संदीपनी स्कूल में बड़ी लापरवाही ! छत में दरारें, बच्चों के जिंदगी से खिलवाड़
सरकार सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन सागर जिले के राहतगढ़ स्थित संदीपनी विद्यालय की तस्वीर कई सवाल खड़े कर रही है। करोड़ों की लागत से बने इस स्कूल में छत पर दरारें, बारिश से पहले ही सीलन और पेयजल टंकी में गंदगी जैसी शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी की लापरवाही का खामियाजा अब मासूम बच्चों को भुगतना पड़ सकता है। राहतगढ़ की संदीपनी स्कूल का निर्माण क्षेत्र में बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था। स्कूल में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया गया, लेकिन हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।
मीडिया द्वारा किए गए निरीक्षण में स्कूल की छत पर कई जगह दरारें दिखाई दीं। बताया जा रहा है कि बारिश शुरू होने से पहले ही ठेकेदार ने छत पर डैम्प-प्रूफिंग का काम शुरू करा दिया, जबकि अब भी कई हिस्सों में दरारें मौजूद हैं। शुरुआती बारिश में ही कुछ कमरों में सीलन और पानी रिसने की शिकायतें भी सामने आई हैं। इतना ही नहीं, स्कूल की छत पर रखी पानी की सिंटेक्स टंकी में पक्षियों की बीट, मकड़ी के जाले और गंदगी दिखाई दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस पानी का उपयोग किया गया तो बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
हालांकि, स्कूल के प्राचार्य सुरेश पटेल ने कहा कि फिलहाल बच्चों को टैंकर और कैंपर के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि भवन में कई तकनीकी कमियां हैं, जिनकी जानकारी विभाग और वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर दी जा चुकी है। उनका कहना है कि भवन अभी पूरी तरह उनके अधिपत्य में नहीं है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस स्कूल में यदि शुरुआत से ही निर्माण संबंधी खामियां सामने आ रही हैं, तो उनकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी? और क्या बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े इन मुद्दों पर संबंधित विभाग समय रहते ठोस कार्रवाई करेगा, या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा?