Sagar- सार्थक ऐप बना परेशानी का कारण? बंडा-शाहगढ़ के सचिव और रोजगार सहायकों ने विधायक को सौंपा ज्ञापन
सागर जिले के बंडा और शाहगढ़ ब्लॉक के पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों ने सार्थक (Sarthak) मोबाइल ऐप में संशोधन की मांग को लेकर आवाज बुलंद की है। बड़ी संख्या में सचिव और रोजगार सहायकों ने विधायक वीरेंद्र सिंह लंबरदार को ज्ञापन सौंपकर कहा कि वर्तमान उपस्थिति प्रणाली के कारण फील्ड का काम प्रभावित हो रहा है और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में भी दिक्कतें आ रही हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि मध्यप्रदेश में फिलहाल केवल सागर जिले में सार्थक ऐप के जरिए उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था लागू की गई है। पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों का अधिकांश कार्य गांवों और निर्माण स्थलों पर होता है। सुबह 8 बजे से ही उन्हें निर्माण कार्यों का निरीक्षण, पंचायत दर्पण पोर्टल अपडेट करना, जियो-टैगिंग, एमएमएस मॉनिटरिंग और विभिन्न शासकीय योजनाओं की निगरानी करनी पड़ती है।
ऐसे में एक निश्चित समय और स्थान पर मोबाइल ऐप से उपस्थिति दर्ज करने की अनिवार्यता व्यावहारिक नहीं है और इससे फील्ड का कार्य प्रभावित हो रहा है। सचिवों और रोजगार सहायकों का कहना है कि उन्हें अक्सर प्रशिक्षण, जनपद पंचायत, जिला पंचायत, तहसील, बैंक, थाना और अन्य शासकीय कार्यालयों में भी जाना पड़ता है। ऐसे में हर स्थिति में निर्धारित स्थान से उपस्थिति दर्ज कराना संभव नहीं हो पाता।
उन्होंने मांग की कि सार्थक ऐप की उपस्थिति प्रणाली में व्यावहारिक बदलाव किए जाएं, ताकि फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े और शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन भी समय पर हो सके। विधायक वीरेंद्र सिंह लंबरदार ने प्रतिनिधिमंडल की बात सुनी और उनकी मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। बंडा और शाहगढ़ के सचिवों एवं रोजगार सहायकों का कहना है कि वे शासन की योजनाओं को पूरी जिम्मेदारी से लागू करना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है जो जमीनी हकीकत के अनुरूप हो। अब देखना होगा कि शासन उनकी मांगों पर कितना गंभीरता से विचार करता है।