सागर- कलेक्टर बोली केरल में मातृ और शिशु स्वास्थ्य की स्थिति सबसे बेहतर,उसी मॉडल को अपनाएंगे
सागर जिले के बीना पहुंची कलेक्टर प्रतिभा पाल ने केरल से तुलना करते हुए कहा की आखिर हमारे क्षेत्र में शिशु मृत्यु दर ज्यादा क्यों है। केरल में मातृ और शिशु स्वास्थ्य की स्थिति सबसे बेहतर है।
वहां हर गर्भवती महिला की 4 बार जांच, संस्थागत प्रसव और जन्म के बाद फॉलोअप सुनिश्चित किया जाता है। हमें भी उसी मॉडल को अपनाना होगा। उन्होंने कहा की अगर हम अपनी कमियों को चिन्हित कर लें और हर एक स्तर पर फॉलो-अप बेहतर करें, तो मातृ-शिशु मृत्यु दर में ऐतिहासिक कमी ला सकते हैं।
बता दें की सागर जिले में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। बीना के चंद्रशेखर आजाद वार्ड में स्थित निजी होटल में आयोजित एक दिवसीय मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य उन्मुखीकरण और प्रशिक्षण कार्यक्रम में सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल पहुंची थी। उन्होंने सीएचओ, एएनएम और आशा अमले को हाई रिस्क प्रेगनेंसी मॉनिटरिंग और शत-प्रतिशत सटीक डेटा एंट्री के निर्देश दिए हैं।
प्रशिक्षण सत्र में पूर्व में हुई मैदानी भूलों की केस स्टडी पर गहन मंथन किया गया। ताकि भविष्य में हाई रिस्क प्रेगनेंसी के मामलों में गलतियों की पुनरावृत्ति न हो। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर प्रतिभा पाल ने साफ़ कहा की आईएमआर और एमएमआर में देश-प्रदेश के अग्रणी क्षेत्रों और हमारे पास उपलब्ध संसाधन और मानव बल समान हैं।
मुख्य अंतर काम की समझ और संवेदनशीलता का है। कलेक्टर ने कहा की हम अपनी कमियों को चिन्हित कर लें और प्रत्येक स्तर पर फॉलो-अप बेहतर करें, तो मातृ और शिशु मृत्यु दर में ऐतिहासिक कमी ला सकते हैं। प्रसव से पूर्व ही गर्भवती महिला के सभी आवश्यक दस्तावेज (समग्र आईडी, आधार, विवाह प्रमाण पत्र, बैंक खाता) पूर्ण कराएं, ताकि प्रसव के बाद सरकारी मदद राशि बिना रुकावट मिल सके।------