सागर- संघर्ष से सफलता तक, क्रिकेटर क्रांति गौंड ने बेटियों को दिए बड़े सपने, बंडा में दिलाई शपथ
सागर जिले के बंडा में आयोजित महिला सशक्तिकरण एवं नशा मुक्ति संकल्प समारोह उस समय प्रेरणा का केंद्र बन गया, जब अंतरराष्ट्रीय भारतीय महिला क्रिकेटर क्रांति गौंड ने अपनी संघर्षभरी कहानी सुनाकर छात्राओं और युवाओं में नया जोश भर दिया। उन्होंने बताया कि कैसे आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार के सहयोग और कड़ी मेहनत ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प भी लिया। पुलिस अनुविभाग बंडा द्वारा शासकीय सांदीपनि स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन और अतिथियों के स्वागत से हुई। समारोह में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर क्रांति गौंड का सम्मान किया गया। छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। बड़ी संख्या में छात्राएं, अभिभावक और स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में क्रांति गौंड ने कहा कि उनका सफर बिल्कुल आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि उनके पिता पुलिस विभाग में थे, लेकिन नौकरी चली जाने के बाद परिवार आर्थिक संकट से गुजरने लगा। रणजी ट्रॉफी खेलने जाने के लिए उनकी मां ने अपने गहने तक बेच दिए। उन्होंने कहा कि यदि परिवार का भरोसा और गांव का सहयोग नहीं मिलता, तो शायद वे आज इस मुकाम तक नहीं पहुंच पातीं। क्रांति गौंड ने कहा कि आज जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम लगातार सफलता हासिल कर रही है, तब अभिभावकों की सोच भी बदल रही है। अब पहले की तुलना में ज्यादा परिवार अपनी बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने का अवसर दे रहे हैं। उन्होंने छात्राओं से कहा कि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी सपना असंभव नहीं होता।
कार्यक्रम के समापन पर एसडीओपी प्रदीप बाल्मीकि ने सभी उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज और महिला सशक्तिकरण, दोनों ही एक मजबूत और विकसित भारत की नींव हैं। कार्यक्रम का संदेश साफ था—बेटियों को अवसर दीजिए, वे देश का नाम रोशन करेंगी और युवा पीढ़ी नशे से दूर रहकर अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी।