सरकारी स्वास्थ्य अधिकारी का वीडियो, PM मोदी पर टिप्पणी के बाद बर्खास्तगी की अनुशंसा, मचा सियासी बवाल
मध्य प्रदेश के धार जिले में एक कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) का सोशल मीडिया वीडियो वायरल होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बाग विकासखंड के काकड़वा उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ किरण भाटिया द्वारा साझा किए गए वीडियो को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। वीडियो के सामने आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, किरण भाटिया वर्ष 2023 से काकड़वा उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र परिसर के भीतर एक वीडियो रिकॉर्ड कर उसे अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर साझा किया। वीडियो में उन्होंने जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में अपनी बात रखी। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्र सरकार और उनके समर्थकों को लेकर भी टिप्पणी की।
वीडियो वायरल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेताओं ने इसका विरोध जताया। उनका कहना है कि एक सरकारी कर्मचारी द्वारा कार्यालय परिसर से राजनीतिक टिप्पणी करना सेवा आचरण नियमों के विपरीत है। भाजपा नेताओं ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए धार के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने जांच के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संचालक को पत्र भेजकर किरण भाटिया को सेवा से पृथक किए जाने की अनुशंसा की है। फिलहाल अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी द्वारा लिया जाना बाकी है।
वायरल वीडियो में किरण भाटिया सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाती हुई दिखाई देती हैं। वीडियो में उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए सरकार और उसके समर्थकों पर अपनी व्यक्तिगत राय व्यक्त की। इसी बयान को लेकर विवाद और गहरा गया है। फिलहाल पूरे मामले में प्रशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। वहीं, यह घटनाक्रम सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सरकारी कर्मचारियों के सेवा आचरण नियम और राजनीतिक निष्पक्षता को लेकर नई बहस छेड़ रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच के बाद संबंधित विभाग इस मामले में अंतिम फैसला क्या लेता है।