एम्बुलेंस न आने पर यात्री प्रतीक्षालय में हुई थी डिलेवरी, 108 सेवा एजेंसी पर ढाई लाख का जुर्माना और कड़ी चेतावनी
बीते कुछ समय पहले एक गर्भवती महिला को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिली थी। लिहाजा शर्मसार करने वाला मामला सामने आया था। जहां महिला ने एक यात्री प्रतीक्षालय में शिशु को जन्म दिया था। अब इस मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्यवाई करते हुए 108 सेवा की एजेंसी पर करीब ढाई 2 लाख का जुर्माना लगाया है।
बता दें की ये मामला दमोह जिले के जबेरा क्षेत्र के बम्होरी गांव से सामने आया था। जिसमें कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए थे। जहां सीएमएचओ ने मामले की जांच की और शासन ने 108 सेवा उपलब्ध कराने वाली एजेंसी पर 2 लाख 35000 का जुर्माना लगाया है। दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर एंबुलेंस सेवा मिले इसका पूरा प्रयास किया जाना चाहिए।
जानकारी के मुताबिक बम्होरी गांव निवासी 30 साल की कविता बाई पति स्व. रतन सिंह को बीते 8 जुलाई की दोपहर प्रसव पीड़ा हुई थी। बीते कुछ दिनों पहले ही उसके पति का निधन हुआ था। परिजनों का कहना था की उन्होंने तत्काल 108 एंबुलेंस को कॉल किया। जिन्हे बताया गया कि एंबुलेंस पहुंचने में करीब एक घंटे का समय लगेगा। महिला की बिगड़ती हालत को देखते हुए रिश्तेदार उसे ई-रिक्शा से स्वास्थ्य केंद्र ले जाने निकले।
लेकिन रास्ते में बम्होरी बस स्टैंड के पास ई-रिक्शा की बैटरी डिस्चार्ज हो गई। जिसके बाद यात्री प्रतीक्षालय में एम्बुलेंस का इन्तजार किया गया। लेकिन प्रसव पीड़ा बढ़ती गयी तब गांव की महिलाओं को बुलाकर साड़ियों की आड़ से वहीं प्रसव कराना पड़ा। जिसके बाद बम्होरी सरपंच ने अपने निजी वाहन से जच्चा-बच्चा को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने में मदद की थी। इस पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर प्रताप नारायण यादव से की गई थी।
जिस पर कलेक्टर ने संबंधित सेवा प्रदाता जेएईएस. प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को भेजा था। प्रस्ताव के परीक्षण के बाद शासन ने कंपनी को नोटिस जारी किया। लापरवाही स्वीकार किए जाने पर कंपनी पर 2 लाख 35 हजार 931 रुपए का अर्थदंड लगाया गया। कलेक्टर ने कहा की भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।------