Sagar- ये कैसा सस्पेंसन, घर के पास मिल गई मनपसंद पोस्टिंग, नई पदस्थापना पर उठे सवाल
एमएसपी पर खरीदे गए गेहूं में मिट्टी मिलने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सागर में पदस्थ सहायक आपूर्ति अधिकारी निशांत पांडे को मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के निर्देश पर निलंबित किया गया था। उस समय इसे लापरवाही के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई बताया गया था। लेकिन अब चौंकाने वाली बात यह है कि निलंबन के महज 42 दिन बाद ही खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, भोपाल के आयुक्त ने उन्हें बहाल करते हुए भिंड जिले में पदस्थापना के आदेश जारी कर दिए हैं। उनकी इस पद स्थापना पर सवाल इसलिए खड़े हो रहे हैं क्योंकि इनका गृह जिला मुरैना है और अब यह है अपने घर के पास पहुंच गए हैं तो क्या नई पद स्थापना के लिए जानबूझकर यह सब किया जा रहा था क्योंकि मनपसंद ट्रांसफर के लिए किसी भी अधिकारी कर्मचारी के लिए क्या-क्या करना पड़ता है यह किसी से छिपा नहीं है.
सबसे अहम सवाल यह है कि जिस मामले में कार्रवाई हुई, उसकी जांच अभी पूरी भी नहीं हुई है, तो फिर बहाली किस आधार पर की गई? यदि जांच लंबित है, तो क्या अधिकारी को नई जिम्मेदारी सौंपना उचित है? और अगर लापरवाही गंभीर नहीं थी, तो फिर निलंबन की कार्रवाई क्यों की गई?
इस फैसले ने प्रशासन की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या निलंबन केवल तत्काल दबाव कम करने के लिए किया गया था? क्या नई पदस्थापना के लिए पहले से ही पूरी रणनीति तैयार थी? जनता यह जानना चाहती है कि जांच पूरी होने से पहले बहाली का औचित्य क्या है।