सागर-दमोह फोरलेन बनाने जमीन का अधिग्रहण शुरू, जानें कहाँ कितना मिल रहा मुवाआजा | SAGAR TV NEWS |
सागर-दमोह स्टेट हाईवे को 2-लेन से 4-लेन बनाने के लिए काम शुरू हो गया है। हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत बनने वाली इस सड़क के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए दस्तावेजी प्रक्रिया शुरू हो गई है। सागर जिले में तीन गांवों की 23 हेक्टेयर व जंगल की 28 हेक्टेयर जमीन लगेगी। तीनों गांव के 309 परिवार प्रभावित होंगे। एक मकान विस्थापित होगा। जमीन के बदले गाइडलाइन के मुताबिक भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के मुताबिक मुआवजा मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए 2026-27 की गाइडलाइन को आधार बनाया है।
इसके मुताबिक तीनों गांव में सबसे अधिक भाव बम्होरी ढूंढर व सबसे कम भाव डुंगासरा सानोंधा में हैं। सड़क बनाने के लिए टेंडर हो चुके हैं। अभी खुले नहीं हैं। भूमि अधिग्रहण होने के बाद एजेंसी तय होगी। काम शुरू होगा। दमोह के साथ ही जबलपुर, कटनी, प्रयागराज व उसके आगे के अन्य शहरों तक पहुंच आसान हो जाएगी।
सागर-दमोह की 76.680 किमी सड़क को 2-लेन से 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर में उन्नत करने के लिए 2059.85 करोड़ की स्वीकृति मिली है। हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत बनने वाली इस फोरलेन सड़क से राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और राष्ट्रीय राजमार्ग-34 से कनेक्टिविटी बढ़ेगी। उन्नयन से बुंदेलखंड क्षेत्र में कृषि, खनिज, व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। परियोजना में 13 अंडरपास, 3 वृहद पुल, 9 मध्यम पुल, 1 आरओबी, 13 बड़े और 42 मध्यम जंक्शन का निर्माण तथा परसोरिया, गढ़ाकोटा, रोन और बांसा में 4 बायपास शामिल हैं।
बम्होरी ढूढर में भूमि अधिग्रहण 4.910 हेक्टेयर होना है जिसमें 16 शासकीय और 8 निजी खाते प्रभावित होंगी, सामुदायिक भवन एवं शासकीय हाईस्कूल की कुछ परिसंपत्तियां प्रभावित होंगी। सिंचित जमीन 36 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर, असिंचित जमीन 28 लाख रुपए प्रति हेक्टेय मुआवजा मिलेगा,
सानौधा में 3.580 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है इसमें 29 निजी खाते प्रभावित 90 परिवार प्रभावित 5 निजी रिहायशी भवन पर असर है। पूर्ण विस्थापन नहीं है। एक कुआं, ट्यूबवेल तथा कुछ पेड़ प्रभावित होंगे। 2026-27 शासकीय गाइडलाइन के अनुसार सिंचित जमीन के लिए 16 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर, असिंचित जमीन 8 लाख का मुआवजा मिलेगा,
परसोरिया में 14.550 हेक्टएयर भूमि अधिग्रहण होना है 142 निजी व 14 शासकीय खाते प्रभावित हो रहे, एक मकान प्रभावित। परिवार का विस्थापन होगा। सामुदायिक भवन, दुकान, ट्यूबवेल, विद्युत लाइन, पेड़ सहित कुछ अन्य परिसंपत्तियां प्रभावित होंगी। 2026-27 शासकीय गाइडलाइन के अनुसार सिंचित जमीन 22 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर, असिंचित भूमि 11 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर मुआवजा मिलेगा