सार्वजनिक तालाब में बांट दिए मछली पालन के पट्टे, विरोध शुरू, लोग बोले आम लोगों का हक़ छीना जा रहा
करीब 120 साल पुराने सार्वजनिक तालाब में मछली पालन विभाग द्वारा पट्टे जारी किये गए हैं। जिसको लेकर अब विरोध भी शुरू हो गया है। बड़ी संख्या में लोगों ने कलेक्टर से शिकायत करते हुए कहा की आम लोगों का हक़ छीना जा रहा है। इसलिए कार्यवाई करते हुए पट्टे को निरस्त करने की मांग की गयी है। मामला छतरपुर जिले का है। लोगों का ये भी आरोप है की सार्वजनिक तालाब को निजी उपयोग के लिए सौंपा जा रहा है जिससे पूरे गांव के लोगों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
बताया जा रहा है की ग्राम पंचायत गहावरा जनपद पंचायत गौरिहार के ग्रामीणों ने गांव के प्राचीन सार्वजनिक तालाब को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया की ग्राम पंचायत गहावरा के अंतर्गत 19.7650 हेक्टेयर में तकरीबन 120 साल पुराना सार्वजनिक तालाब है। जिसका उपयोग गांव के लोग लंबे समय से निस्तार, पशुओं को पानी पिलाने और अन्य सार्वजनिक कामों के लिए करते आ रहे हैं। यह तालाब गांव का प्रमुख जल स्रोत माना जाता है। आरोप है की कुछ लोगों द्वारा दस्तावेजों के आधार पर जय भीम मछली पालन स्व-सहायता समूह के नाम से मछली पालन विभाग से 10 सालों का पट्टा जारी करा लिया गया। जिसके बाद से ग्रामीणों के तालाब में आने-जाने और सार्वजनिक उपयोग में परेशानी जा रही है। जिससे लोगों में नाराजगी है।
ज्ञापन में ये भी कहा गया की सार्वजनिक तालाब पर किसी एक समूह का अधिकार होने से ग्रामीणों की पारंपरिक सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं। गांव में विवाद की स्थिति भी बन रही है। इसलिए मांग की गई की सार्वजनिक हित को देखते हुए पट्टे को तत्काल निरस्त किया जाए और तालाब को पहले की तरह ही रखा जाए। ग्रामीणों ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की है। समाधान न होने पर आंदोलन की बात कही गई।---