सागर- नगर पालिका की बैठक में हंगामा, भाजपा-कांग्रेस के पार्षद आये आमने-सामने, जमकर हुई नोक-झोंक
करीब चार महीने बाद सागर जिले के बीना में नगर पालिका का साधारण सम्मेलन आयोजित हुआ। जिसमें जोरदार हंगामा हो गया। इस दौरान कांग्रेस और भाजपा के पार्षद आमने-सामने आ गए जिनमें जमकर नोंक-झोंक गयी। बताया गया की श्यामा प्रसाद मुख़र्जी की प्रतिमा को लेकर भाजपा और कांग्रेस पार्षदों में भिड़ंत हुई। जबकि कई पार्षदों ने शहर में साफ़ सफाई को लेकर जमकर हंगामा किया। उपाध्यक्ष समेत कुछ पार्षदों ने कहा की नगर पालिका के निर्माण कार्यों में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक करीब 4 माह बाद 23 बिन्दुओं को लेकर बीना नगर पालिका का साधारण सम्मेलन आयोजित हुआ था। जिसकी शुरूआत नगर में 15 करोड़ की लागत से ऑडिटोरियम निर्माण कराए जाने की चर्चा से हुई। जिसमें पार्षदों ने शहर में अलग-अलग जगह बताकर ऑडिटोरियम निर्माण कराने की बात कही, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। इस मामले में समिति बनाकर आगामी समय में निर्णय लिया जाएगा। जब बैठक में अगला मुद्दा डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम पार्क या ओवरब्रिज पर रखने और उनकी मूर्ति लगाए जाने पर चर्चा के पहले ही जमकर हंगामा हो गया। पक्ष-विपक्ष आमने-सामने आ गए। इस बीच भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों के बीच तीखी नोकझोक हुई। आखिरी में मोतीचूर नदी के पास स्थित पार्क में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा लगाए जाने पर सहमति बनी।
वहीं शहर में साफ सफाई न होने का मुद्दा बैठक में जमकर गर्माया। कई पार्षदों ने सीएमओ पर नाराजगी जताई। पार्षद बीडी रजक ने आरोप लगाए कि शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरीके से चौपट हो गई है। सीएमओ किसी भी वार्ड का भ्रमण नहीं करते। सभी पार्षद मुक्कदम और प्रभारी से परेशान हैं। पार्षदों की कोई सुनने वाला नहीं है। पार्षद बीडी रजक ने कहा कि नगर में एक साल के अंदर जो भी निर्माण कार्य हुए हैं उनकी जांच कराई जाए। सात सदस्यीय समिति बनाई जाए। जो भी इसमें गलत हो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उपाध्यक्ष रमाकांत बिलगैया ने कहा कि 10 लाख की लागत से तीन महीने पहले शहर में स्पीड ब्रेकर लगाए गए थे जो कुछ ही दिनों में उखड़ और टूट भी गए। यह सबसे बड़ा भ्रष्टाचार है।