Sagar -छात्राओं के साथ डिनर की चाहत रखने वाले विभाग अध्यक्ष पर बड़ी कार्रवाई
सागर की डॉक्टर हरीसिंह गौर यूनिवर्सिटी के भूगोल विभाग में छात्राओं के मानसिक उत्पीड़न के मामले में आरोपी विभागाध्यक्ष को पद से हटा दिया गया है।इस घटनाक्रम में चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया है कि विभागाध्यक्ष को बचाने के लिए विभाग की दो महिला असिस्टेंट प्रोफेसर्स ने छात्राओं को चेंबर में बंद कर उनका कॅरियर बर्बाद करने की धमकियां दीं थीं, ऐसा आरोप छात्राओं ने लिखित शिकायत में लगाया है।
इस बीच गुरुवार को कुलसचिव ने आदेश जारी किया कि विभागाध्यक्ष खिलाफ महिला शोधार्थियों ने उत्पीड़न की शिकायत की है। इसकी जांच आईसीसी यानी इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी कर रही है। जांच को पारदर्शी रखने के लिए तत्काल प्रभाव से विभागाध्यक्ष को उनके दायित्वों से मुक्त कर व्यवहारिक विज्ञान अध्ययनशाला के डीन को प्रभार सौंप दिया गया है। डीन प्रो. देवाशीष बोस का एक पत्र सामने आया है। 24 जुलाई को कुलपति को लिखे इस पत्र मैं में उन्होंने स्पष्ट किया है कि 24 जुलाई की सुबह शोधार्थी डरे और सहमे हुए उनके पास आए थे।
छात्रों ने बताया कि उनसे बिना कंटेंट पढ़े, खाली कागज पर यह कहकर हस्ताक्षर कराए गए कि यदि साइन नहीं करोगे तो पीएचडी शोध कार्य और भविष्य बर्बाद कर दिया जाएगा। डीन ने इसे विवि की गरिमा के खिलाफ बताते हुए उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने की अनुशंसा की।
20 जुलाई को विद्यार्थियों ने पहली शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें महिला शोधार्थियों ने विभागाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत में स्पष्ट लिखा है कि विभागाध्यक्ष महिला शोधार्थियों को अक्सर अपने ऑफिस में बुलाकर रिसर्च से हटकर घंटों लंबी चर्चाएं करते थे। वे चाय, कॉफी, लंच और डिनर के लिए पर्सनल इन्विटेशन देते थे। निमंत्रण ठुकराने पर छात्राओं के साथ भेदभाव किया जाता था।