CMHO कार्यालय में रिश्वतखोर कर्मचारी गिरफ्तार! 10 हजार लेते लोकायुक्त ने रंगे हाथों दबोचा
मध्य प्रदेश के सागर संभाग के टीकमगढ़ जिले में लोकायुक्त सागर की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ एक कर्मचारी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में दोपहर के समय की गई। घटना के बाद पूरे कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया और यह कार्रवाई चर्चा का विषय बन गई। जानकारी के अनुसार, आरोपी देशराज सिंह घोष, जो मूल रूप से पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एमपीडब्ल्यू) के पद पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव में पदस्थ हैं और वर्तमान में सीएमएचओ कार्यालय की आवक-जावक शाखा में संबद्ध थे, पर नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है।
लोकायुक्त के अनुसार, छतरपुर जिले के घुवारा निवासी 23 वर्षीय अरविंद सिंह राजपूत ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जिला चिकित्सालय में कंप्यूटर ऑपरेटर की भर्ती के एवज में देशराज सिंह घोष ने उनसे 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद लोकायुक्त सागर ने ट्रैप की योजना बनाई। गुरुवार दोपहर जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की पहली किस्त ली, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई और आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर हुई इस कार्रवाई से सरकारी कार्यालयों में हड़कंप की स्थिति बन गई। मामले ने सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और कार्यप्रणाली को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लोकायुक्त के अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। यदि जांच में अन्य तथ्यों का खुलासा होता है तो उसके अनुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की बड़ी सफलता माना जा रहा है। वहीं प्रशासनिक हलकों में भी इस मामले की चर्चा तेज हो गई है और लोग उम्मीद जता रहे हैं कि ऐसी कार्रवाई भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में प्रभावी साबित होगी।