महिलाओं ने घरों से मीटर उखाड़े, सड़क पर किया चक्का जाम, स्मार्ट मीटर पर फूटा जनआक्रोश !
स्मार्ट मीटर और बढ़ते बिजली बिलों को लेकर लोगों का गुस्सा अब सड़कों पर उतर आया है। शुक्रवार शाम बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने अपने घरों से स्मार्ट मीटर निकालकर एमपी के मंदसौर के सरदार वल्लभभाई पटेल चौराहे पर रख दिए और चक्का जाम कर बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। लगातार हो रही बारिश भी प्रदर्शनकारियों का हौसला नहीं तोड़ सकी। प्रदर्शन के चलते शहर का यातायात प्रभावित हुआ, जिसके बाद पुलिस ने ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह गुर्जर ने किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली के बिल कई गुना बढ़ गए हैं, जिससे मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। महिलाओं ने हाथों में स्मार्ट मीटर लेकर नारे लगाए और कहा कि यह "स्मार्ट मीटर नहीं, बढ़ते बिलों का मीटर" है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले एक महीने में यह तीसरा बड़ा विरोध प्रदर्शन है। इससे पहले भी 5 जून और 17 जून को बिजली कंपनी को ज्ञापन देकर बढ़े हुए बिलों में राहत और पुराने मीटर दोबारा लगाने की मांग की गई थी। उनका आरोप है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद बिजली कंपनी ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे लोगों को फिर सड़क पर उतरना पड़ा।
जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह गुर्जर ने आरोप लगाया कि कई ऐसे परिवार, जिनकी मासिक आय तीन से चार हजार रुपये है, उन्हें भी हजारों रुपये के बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिन उपभोक्ताओं ने अपने घरों से स्मार्ट मीटर हटाए, उनके बिजली कनेक्शन काट दिए गए, जिससे कई घर अंधेरे में डूब गए।
वहीं कांग्रेस नेता मनजीत सिंह मनी ने कहा कि महिलाएं छोटे-छोटे बच्चों के साथ घंटों से सड़क पर बैठी हैं, लेकिन उनकी बात सुनने कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। देर शाम तक प्रदर्शन जारी रहा और पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। फिलहाल प्रदर्शनकारियों की मांग है कि बढ़े हुए बिजली बिलों की जांच कर राहत दी जाए और उनकी शिकायतों का जल्द समाधान किया जाए। वहीं, बिजली विभाग की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।